
x
Delhi दिल्ली: निर्मोही अखाड़ा ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन और ट्रस्ट के वित्तीय व संपत्ति लेन-देन की फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अखाड़े ने अपनी याचिका में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली की समीक्षा, दान और अन्य संपत्तियों से जुड़े लेन-देन की जांच तथा मंदिर प्रबंधन में अपनी भूमिका बढ़ाने की मांग की है। याचिका में निर्मोही अखाड़ा ने राम मंदिर के गर्भगृह में वर्ष 1950 और 1982 में स्थापित मूल मूर्तियों को फिर से स्थापित करने की मांग भी रखी है। अखाड़े का कहना है कि मंदिर से जुड़े धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इन मूर्तियों की स्थिति पर भी विचार किया जाना चाहिए।
The Nirmohi Akhara has moved the Supreme Court seeking the reconstitution of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust and a forensic audit of its financial and property transactions. The petition also seeks the reinstatement of the original idols that were installed in 1950… pic.twitter.com/iy8Wd0Hiyr
— IANS (@ians_india) July 18, 2026
निर्मोही अखाड़ा ने याचिका में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान, चढ़ावे और अन्य कीमती वस्तुओं के कथित दुरुपयोग के आरोपों का भी उल्लेख किया है। अखाड़े का तर्क है कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए फॉरेंसिक जांच जरूरी है। यह मांग ऐसे समय में की गई है, जब कथित दान गड़बड़ी मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किए जाने का मुद्दा भी सामने आया है।
याचिका में ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े को अधिक प्रतिनिधित्व देने, ट्रस्टी नियुक्ति के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय करने और सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2019 के अयोध्या फैसले के अनुपालन की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र समिति बनाने की मांग की गई है। गौरतलब है कि अयोध्या विवाद पर वर्ष 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठन का निर्देश दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया था। यह मामला कथित दान चोरी और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली से जुड़ी उन याचिकाओं से भी संबंधित है, जिनमें SIT जांच की मांग की गई है। इन याचिकाओं पर 20 जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित है।
Tagsनिर्मोही अखाड़ासुप्रीम कोर्टराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्टअयोध्या राम मंदिरफॉरेंसिक ऑडिटSIT जांचदान राशि विवादमंदिर ट्रस्टराम मंदिर मूर्तिअयोध्या मामला2019 सुप्रीम कोर्ट फैसलाNirmohi AkharaSupreme CourtRam Janmabhoomi Teerth Kshetra TrustAyodhya Ram Templeforensic auditSIT probedonation amount disputetemple trustRam Temple idolAyodhya case2019 Supreme Court verdict
Next Story





