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जैश-ए-मोहम्मद पर NIA का शिकंजा, गिरफ्तार आरोपी समेत 4 के खिलाफ आरोपपत्र

SHIDDHANT
10 Oct 2026 12:11 AM IST
जैश-ए-मोहम्मद पर NIA का शिकंजा, गिरफ्तार आरोपी समेत 4 के खिलाफ आरोपपत्र
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दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में हुए आतंकी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को जम्मू की विशेष एनआईए अदालत में 535 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें गिरफ्तार आरोपी मनीर अहमद और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तीन पाकिस्तानी आतंकियों को नामजद किया गया है। एनआईए के अनुसार, जांच में आतंकी साजिश के तार पाकिस्तान से जुड़े होने की बात सामने आई है।
यह मामला 22 फरवरी 2026 को किश्तवाड़ जिले के चत्रू क्षेत्र स्थित वानी मोहल्ला, पासेर कोट में हुए आतंकी हमले से जुड़ा है। एनआईए ने इस मामले को आरसी-03/2026/एनआईए/जेएमयू के तहत दर्ज किया था। जांच एजेंसी ने हमले की साजिश, आतंकियों की गतिविधियों और उन्हें कथित तौर पर सहायता पहुंचाने वाले लोगों की भूमिका की जांच की।
चार्जशीट में गिरफ्तार आरोपी मनीर अहमद का नाम शामिल है। वह मोहम्मद यूसुफ कोली का बेटा और किश्तवाड़ जिले के नाइडगाम, चत्रू, इंदरवाल का निवासी है। एनआईए ने उस पर आतंकियों को जानबूझकर पनाह देने और उनकी मौजूदगी छिपाने का आरोप लगाया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, जिन आतंकियों को कथित तौर पर शरण दी गई, वे किश्तवाड़ के पहाड़ी इलाकों में सक्रिय थे। उन पर सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों को निशाना बनाने वाले हमलों में शामिल होने के आरोप हैं। मनीर अहमद के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की संबंधित धाराओं में आरोप लगाए गए हैं।
एनआईए ने बताया कि इस हमले में शामिल तीन आतंकियों का नेतृत्व सैफुल्ला कर रहा था। वह पाकिस्तान का नागरिक और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर बताया गया है। सैफुल्ला को सैफुल्ला कश्मीरी, अतीक नजीर और अतीक उर रहमान जैसे नामों से भी जाना जाता था। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कश्मीर टाइगर्स, जिसे अजराइल ग्रुप भी कहा जाता है, से संबंधित था। तीनों आतंकी सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में मारे गए थे।
एनआईए की 535 पन्नों की चार्जशीट में हमले की साजिश, आरोपियों की कथित भूमिका और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों का विवरण दिया गया है। एजेंसी ने आरोपी आतंकियों के खिलाफ भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने और आपराधिक साजिश से संबंधित कानूनी प्रावधान भी लगाए हैं। एनआईए का दावा है कि जांच के दौरान आतंकी साजिश का संबंध पाकिस्तान से सामने आया है। एजेंसी ने सीमा पार से संचालित आतंकी गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर आतंकियों को मिलने वाली कथित सहायता की भी जांच की है।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपी की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने आतंकियों को छिपाने और शरण देने में मदद की। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। एनआईए ने स्पष्ट किया है कि चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद मामले की आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसी अब आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
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