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नौसेना जासूसी मामले में NIA की अदालत ने दो आरोपियों को सुनाई सजा

SHIDDHANT
8 Nov 2025 12:07 AM IST
नौसेना जासूसी मामले में NIA की अदालत ने दो आरोपियों को सुनाई सजा
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दोषी ठहराए
Delhi दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने पाकिस्तान से जुड़े विशाखापटनम नौसेना जासूसी मामले में दो और आरोपियों को साधारण कारावास (SI) की सजा सुनाई है। अदालत ने कलावलपल्ली कोंडा बाबू (विशाखापटनम) और अवियांश सोमल (कांगड़ा) को यूए(पी) अधिनियम की धारा 18 और शासकीय गोपनीयता अधिनियम की धारा 3 के तहत 5 साल 10 महीने की कैद की सजा दी। साथ ही अदालत ने प्रत्येक पर 5000 रुपए का जुर्माना लगाया है, जिसे न चुकाने की स्थिति में एक साल अतिरिक्त सजा काटी जाएगी। अब तक इस मामले में कुल छह आरोपियों को दोषी ठहराया गया है और सजा सुनाई जा चुकी है। यह जासूसी मामला भारतीय नौसेना के संवेदनशील प्रतिष्ठानों से संबंधित है, जिसका उद्देश्य देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को खतरे में डालना था।
दोनों अभियुक्तों को दिसंबर 2019 में क्रमशः मुंबई और कारवार से गिरफ्तार किया गया था। जांच में पता चला कि ये आरोपी व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से विदेशी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में थे और भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों से गोपनीय जानकारी साझा कर रहे थे। एनआईए की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी शुरुआत में फेसबुक के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों से जुड़े। इसके अलावा, दोषी ठहराए गए पहले चार आरोपियों—अब्दुल रहमान, हारून लकड़ावाला, शाइस्ता कैसर और इमरान गितेली—के जरिए उन्हें पाकिस्तानी एजेंटों से आर्थिक लाभ भी मिला। आरोप है कि इन चारों ने जासूसी के लिए आरोपियों के खातों में अलग-अलग रकम जमा की।
एनआईए ने दिसंबर 2019 में काउंटर इंटेलिजेंस पुलिस स्टेशन, विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश पुलिस) से जांच का कार्यभार संभाला था। अब तक कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जून 2020 में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किए गए थे, जबकि मार्च 2021 में एक और आरोपी के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया। इस मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच और मुकदमा जारी है। एनआईए ने कहा है कि देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
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