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UPSESC के नए अध्यक्ष ने कार्यभार संभाला, चयन में पारदर्शिता और मेरिट पर जोर

SHIDDHANT
19 Dec 2025 10:20 PM IST
UPSESC के नए अध्यक्ष ने कार्यभार संभाला, चयन में पारदर्शिता और मेरिट पर जोर
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: आज उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPSESC) के नए अध्यक्ष ने प्रयागराज में पदभार संभाला। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का दायित्व सौंपने हेतु उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हृदय से आभार व्यक्त किया। नए अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता शासन की नीतियों के अनुरूप चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट-आधारित बनाना है। उन्होंने कहा कि भर्तियों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाते हुए तकनीक-आधारित प्रक्रियाओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि हर योग्य अभ्यर्थी को उसका न्यायोचित अवसर मिल सके। उनका मानना है कि केवल नियुक्ति कराना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के युवाओं का विश्वास बनाए रखना और उनके स्वर्णिम भविष्य की गारंटी देना भी इस पद की जिम्मेदारी में शामिल है।
नए अध्यक्ष ने बताया कि आयोग अब तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग करेगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर पूर्ण रोक लगे। उन्होंने यह भी कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अध्यक्ष ने आगे कहा कि आयोग शिक्षा विभाग की नीतियों और राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप काम करेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आयोग की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर और न्यायोचित प्रक्रिया प्रदान की जाएगी।
विशेष रूप से, तकनीक-आधारित सुधारों के माध्यम से आयोग ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल मूल्यांकन और परिणामों की समयबद्ध घोषणा पर जोर देगा। इसके जरिए न केवल प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि भ्रष्टाचार और गैरज़रूरी देरी से बचा जा सकेगा। इसके अलावा, नए अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों की शिकायत निवारण प्रणाली को भी मजबूत करने का आश्वासन दिया। उनका कहना है कि हर शिकायत का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता की जांच के लिए स्वतंत्र निगरानी तंत्र बनाए जाएंगे।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। आयोग की भूमिका केवल भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं होगी, बल्कि राज्य के युवाओं के विश्वास और उनके उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। उत्तर प्रदेश में लाखों युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ऐसे में आयोग की पारदर्शी और न्यायसंगत भूमिका उनकी शिक्षा और करियर के प्रति विश्वास बनाए रखने में अहम होगी। नए अध्यक्ष ने यह सुनिश्चित किया कि भर्ती प्रक्रिया में कोई भेदभाव या असमानता न रहे, और सभी योग्य अभ्यर्थियों को उनके अधिकारानुसार अवसर प्राप्त हो।
संक्षेप में, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के नए अध्यक्ष ने अपने कार्यभार ग्रहण के मौके पर पारदर्शिता, मेरिट, समयबद्धता और तकनीक आधारित सुधारों को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संदेश दिया। उनका लक्ष्य है कि आयोग न केवल शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्टता स्थापित करे, बल्कि राज्य के युवाओं का विश्वास और उनके उज्जवल भविष्य भी सुनिश्चित करे।
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