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फुटबॉल और लिफाफे के बीच फंसी TMC की सियासत पर तंज
Kolkata कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो गुटों के बीच चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग के फैसले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास ने चुनाव आयोग द्वारा दिए गए चुनाव चिन्ह पर तंज कसा है। उन्होंने बागी गुट को मिले लिफाफा चुनाव चिन्ह को लेकर सवाल उठाए हैं। सौरव दास ने चुनाव आयोग के आदेश की कॉपी साझा करते हुए सोशल मीडिया पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट को लिफाफा चुनाव चिन्ह मिला है और सवाल किया कि “लिफाफे में भरकर क्या आया था।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दरअसल, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के अंदर लंबे समय से चल रही खींचतान के बाद मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा था। दोनों गुट पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अपना दावा कर रहे थे। चुनाव आयोग ने सुनवाई के बाद दोनों पक्षों को अलग-अलग पहचान और चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं। चुनाव आयोग के फैसले के अनुसार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को अलग नाम और फुटबॉल खेलते हुए खिलाड़ी वाला चुनाव चिन्ह दिया गया है। वहीं दूसरे गुट को अलग नाम के साथ लिफाफा चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है।
फैसले के बाद दोनों पक्षों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां एक ओर चुनाव आयोग के निर्णय को लेकर राजनीतिक बयान दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर समर्थक अपने-अपने गुट की पहचान को मजबूत करने में जुटे हैं। सौरव दास ने अपने बयान में चुनाव आयोग के फैसले पर व्यंग्य करते हुए बागी गुट को मिले चुनाव चिन्ह को लेकर टिप्पणी की। हालांकि, चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को नियमों और प्रक्रिया के तहत अलग-अलग नाम और प्रतीक आवंटित किए हैं।
गौरतलब है कि राजनीतिक दलों में विभाजन के बाद चुनाव चिन्ह और नाम को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में चुनाव आयोग संबंधित पक्षों के दावों, दस्तावेजों और अन्य मानकों के आधार पर फैसला करता है। फिलहाल पश्चिम बंगाल में TMC के दोनों गुट अपने-अपने चुनाव चिन्ह और पहचान के साथ आगे की राजनीतिक रणनीति बनाने में जुटे हैं।
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