भारत

नया मोदी मंत्रिमंडल: 'दगाबाज सरकारों का दर्द दिल में है, दिल मुश्किल में है', जाने किसका छलका दर्द

jantaserishta.com
8 July 2021 10:50 AM IST
नया मोदी मंत्रिमंडल: दगाबाज सरकारों का दर्द दिल में है, दिल मुश्किल में है, जाने किसका छलका दर्द
x

मोदी कैबिनेट का विस्तार (Modi Cabinet Expansion) हो गया है. उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Election) के मद्देनजर सात नए मंत्री (New Ministers) बनाए गए हैं. अपना दल (एस) (Apna Dal) की अनुप्रिया पटेल (Anupriya Patel) भी मंत्री बनी हैं, लेकिन निषाद पार्टी (Nishad Party) के हाथ कुछ नहीं लगा. इससे निषाद पार्टी बेहद नाराज है. संजय निषाद ने तंज कसते हुए कहा कि दगाबाज सरकारों का दर्द दिल में है, दिल मुश्किल में है.

निषाद पार्टी (निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल) के संस्थापक संजय निषाद ने अपने बेटे और सांसद प्रवीण निषाद को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने पर निराशा व्यक्त की. उन्होंने पूछा कि अपना दल (सोनेलाल) की अनुप्रिया पटेल को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है तो प्रवीण निषाद को क्यों नहीं?
संजय निषाद ने कहा, 'अगर अपना दल (सोनेलाल) की अनुप्रिया पटेल को मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है, तो सांसद प्रवीण निषाद को क्यों नहीं? निषाद समुदाय के लोग पहले से ही भाजपा को छोड़ रहे हैं और अगर पार्टी अपनी गलतियों को नहीं सुधारती है, तो आगामी विधानसभा चुनाव में परिणाम भुगतने होंगे.'
'18 फीसदी निषादों को मिला धोखा'
संजय निषाद ने कहा कि प्रवीण निषाद को कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाना निषाद समाज के साथ धोखा है, 18 फ़ीसदी निषाद समाज को एक बार फिर धोखा मिला है जबकि 4 से 5 फीस दी वालों को तरजीह दी गई है. संजय निषाद के बेटे प्रवीण संत कबीर नगर से सांसद हैं. प्रवीण ने 2017 में हुए गोरखपुर उपचुनाव में सपा उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी.
अनुप्रिया पटेल पर निशाना साधते हुए निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा, 'जो लोग अपनी सीट जिला पंचायत अध्यक्ष में नहीं जितवा सके, जिन लोगों ने बीजेपी को हराने का काम किया वैसे लोगों को तवज्जो दी गई जबकि निषाद समाज ने एकमुश्त वोट देकर यूपी में और केंद्र में बीजेपी की सरकार बनाई है.'
संजय निषाद ने कहा कि फिलहाल वह बीजेपी के साथ हैं, लेकिन अगर बीजेपी ऐसे ही निषादों की अनदेखी करती रही तो आने वाले वक्त में वह अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करेंगे और बीजेपी से गठबंधन को लेकर सोचने को मजबूर होंगे.
गोरखपुर उपचुनाव जीतकर आए थे सुर्खियों में
2017 में गोरखपुर उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद को मैदान में उतारा था. उनके सामने बीजेपी के उपेंद्र दत्त शुक्ला थे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में प्रवीण निषाद ने जीत हासिल की थी. इसके बाद वह सुर्खियों में आ गए थे. हालांकि, 2019 चुनाव के दौरान प्रवीण निषाद ने बीजेपी ज्वॉइन कर लिया.
इसके बाद प्रवीण निषाद को संत कबीर नगर सीट से लोकसभा टिकट दिया गया. इस चुनाव में वह जीत गए. प्रवीण निषाद अभी बीजेपी के सांसद हैं, जबकि उनके पिता निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. ऐसे में अगर प्रवीण निषाद पार्टी छोड़ते हैं तो उनकी सदस्यतता भी जा सकती है. यही वजह है कि संजय निषाद कभी बीजेपी के साथ नजर आते हैं तो कभी आंखे तरेरते नजर आते हैं.
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story