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Karnataka कर्नाटक। कर्नाटक में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने तुमकुरु में समाज के लिए CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि यह राज्य में अपनी तरह की पहली पहल है, जिसका उद्देश्य अचानक हृदय संबंधी आपात स्थिति में लोगों की जान बचाना है। डिप्टी सीएम डॉ. जी. परमेश्वर ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों को CPR की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह प्रशिक्षण तुमकुरु स्थित सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज के सहयोग से हार्ट सेंटर द्वारा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को अचानक हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट होने की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में अगर आसपास मौजूद व्यक्ति को CPR देना आता है तो मरीज की जान बचने की संभावना काफी बढ़ सकती है। डॉ. परमेश्वर ने कहा कि कर्नाटक में पहली बार इस तरह का सामाजिक स्तर पर CPR प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के किसी अन्य जिले में अभी तक इस तरह की पहल नहीं की गई है।
इस कार्यक्रम में उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जो आम जनता के बीच लगातार काम करते हैं। आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता गांवों और स्थानीय क्षेत्रों में लोगों से जुड़े रहते हैं, जबकि पुलिस कर्मी आपात परिस्थितियों में सबसे पहले मौके पर पहुंचने वाले लोगों में शामिल होते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, CPR का सही समय पर इस्तेमाल किसी व्यक्ति की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में तुरंत मदद मिलने से मरीज को अस्पताल पहुंचने तक जीवन बचाने का मौका मिल सकता है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य कर्मियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों को जीवन बचाने वाली तकनीक से जोड़ना है। आने वाले समय में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और विस्तार देने की योजना बनाई जा सकती है। कर्नाटक सरकार की इस पहल को सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। CPR प्रशिक्षण के जरिए आम लोगों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा।
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