New Delhi: देश के सबसे किफायती मेडिकल कॉलेज, सही समय पर करें काउंसलिंग

नई दिल्ली: सीबीएसई (CBSE) और आईसीएसई (ICSE) के 12th रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र अपने पसंदीदा करियर क्षेत्र का चुनाव कर उसकी पढ़ाई करते हैं। भारतीय युवाओं ने यूं तो लगभग सभी क्षेत्रों में दुनियाभर में नाम कमाया है। इनसे कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है। हाल के कुछ सालों में देश में मेडिकल की पढ़ाई का चलन बढ़ा है। इसी के मद्देनजर आज के इस विशेष ऑर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि देश में किन सरकारी और प्राइवेट कालेजों की फीस कम (Low fees Medical MBBS Colleges) है। जहां एडमिशन करवाकर छात्र अपने सपनों को पंख दे सकते हैं।
भारत में मेडिकल की पढ़ाई का क्रेज आप इस आंकड़ें से समझ सकते हैं कि 4 मई 2025 को आयोजित साल 2024-25 में 23 लाख से अधिक छात्रों ने NEET परीक्षा में प्रतिभाग किया। जिसमें 23,33,162 छात्र शामिल हुए थे। मेडिकल सीटें सीमित होने के कारण कई छात्र प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन लेते हैं, लेकिन प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेजों की तुलना में कई गुना अधिक होती है।
प्राइवेट कॉलेज vs गवर्नमेंट कॉलेज
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों (Private Medical Colleges MBBS Fees) की फीस, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेजों की तुलना में काफी अधिक होती है। एमडी, एमएस और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की फीस और भी ज्यादा हो सकती है, कुछ संस्थान इन कोर्सेज के लिए 1 करोड़ रुपये तक चार्ज करते हैं। इतनी ऊंची फीस भरना कई छात्रों के लिए बिना लोन या छात्रवृत्ति के बेहद मुश्किल होता है।
अधिक क्यों प्राइवेट की फीस?
प्राइवेट कॉलेज की ऊंची फीस के पीछे कई कारण हैं। एक तरफ सरकारी मेडिकल कॉलेज को सरकार अनुदान देती है, जिसकी वजह से इनकी फीस कम होती है। वहीं प्राइवेट कॉलेज को इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक लैब और अन्य सुविधाओं के निर्माण पर भारी खर्च करना पड़ता है। साथ ही शिक्षकों के लिए भी प्राइवेट कॉलेज को खर्चा करना पड़ता है। इसके अलावा गवर्नेंट कॉलेज में सीट कम होने के कारण प्राइवेट कॉलेज की मांग बढ़ जाती है जिससे इनके फीस में बहुत ज्यादा होते हैं।
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज
बात की भारत में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज की सबसे कम फीस (Government Medical Colleges MBBS Fees) वाले कालेज की तो वो एम्स (AIIMS) दिल्ली है। इसी वजस से दिल्ली स्थित एम्स को भारत के नंबर वन मेडिकल कॉलेज में शुमार किया जाता है। एम्स में एमबीबीएस (MBBS) कोर्स की एक साल की फीस करीब 1,648 रुपये है। वहीं अगर पांच साल का टोटल फीस की बात करें तो यहां मेडिकल की पढ़ाई का कुल 8,240 रुपये फीस बनता है। यानी 9 हजार रुपये से भी कम।
तेलंगाना में भी कम फीस
आप तेलंगाना के सराकरी कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई करते हैं। तो आपके पूरे 5 साल में 1 लाख रुपये भी खर्च नहीं करने होंगे। तेलंगाना में गांधी मेडिकल कॉलेज, काकतीय मेडिकल कॉलेज, उस्मानिया मेडिकल कॉलेज और सिद्दीपेट मेडिकल कॉलेज से कई सरकारी कालेज हैं। यहां आपको 10000 रुपये के आसपास सालाना फीस चुकानी होती है।
प्राइवेट मेडिकल कालेज की फीस
JSR की रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग कॉलेजों की फीस अलग-अलग है। कुछ प्रमुख प्राइवेट मेडिकल कालेज की फीस इस प्रकार है:
क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर, तमिलनाडु (50,000-1 लाख रुपये) कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज मणिपाल, कर्नाटक (14 लाख रुपये-16 लाख रुपये) एसआरएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर चेन्नई, तमिलनाडु (22-24 लाख रुपये) इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज कोच्चि, केरल (18-20 लाख रुपये) भारती विद्यापीठ मेडिकल कॉलेज पुणे, महाराष्ट्र (21-23 लाख रुपये) असम मेडिकल कॉलेज डिब्रूगढ़, असम (7-8 लाख रुपये) सिक्किम मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज गंगटोक, सिक्किम (16-18 लाख रुपये) संतोष मेडिकल कॉलेज गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश (20-22 लाख रुपये) डीवाई पाटिल मेडिकल कॉलेज मुंबई, महाराष्ट्र (24-26 लाख रुपये) कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज भुवनेश्वर, ओडिशा (18-20 लाख रुपये)





