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इतिहास रचा नेपाल में पहली महिला प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने संभाली कमान

Shantanu Roy
12 Sept 2025 11:14 PM IST
इतिहास रचा नेपाल में पहली महिला प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने संभाली कमान
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New Delhi/Kathmandu. नई दिल्ली/काठमांडू। नेपाल में इतिहास रचते हुए सुशीला कार्की ने देश की कमान संभाल ली है। यह नेपाल के इतिहास में पहली बार है जब किसी महिला ने देश के नेतृत्व की जिम्मेदारी ली है। सुशीला कार्की का शपथग्रहण समारोह राजधानी काठमांडू में आयोजित किया गया, जिसमें उपराष्ट्रपति रामसहाय यादव, प्रधान न्यायाधीश प्रकाश सिंह रावत सहित देश के उच्च अधिकारी और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। शपथग्रहण समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. बाबूराम भट्टराई, प्रधान सेनापति जनरल अशोक राज सिग्देल, मुख्य सचिव एकनारायण अर्याल और काठमांडू के मेयर बालेन शाह भी उपस्थित रहे। समारोह में देशभर के नागरिकों ने भी इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्साह व्यक्त किया और महिला नेतृत्व की सराहना की।
सुशीला कार्की ने अपने भाषण में देश की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका प्राथमिक लक्ष्य नेपाल में स्थिर शासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को राजनीतिक नेतृत्व में बराबर का अवसर मिलना चाहिए और यह उनके लिए एक प्रेरणा का स्रोत होगा। सरकार की तरफ से 4 मार्च को देश में आम चुनाव कराने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। पहली कैबिनेट बैठक का मुख्य एजेंडा चुनाव की घोषणा है, जिसका अर्थ है कि अगले छह महीनों के भीतर देश में आम चुनाव कराने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुशीला कार्की की नेतृत्व क्षमता और स्पष्ट दृष्टिकोण नेपाल की राजनीतिक स्थिति को स्थिर करने में मदद कर सकती है।
नेपाली मीडिया और विशेषज्ञों का कहना है कि सुशीला कार्की ने पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्र में अपनी क्षमता और निष्पक्षता साबित की है। यही कारण है कि उन्हें नेतृत्व के रेस में सबसे आगे माना गया। उनके नेतृत्व में नेपाल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और समान अवसर सुनिश्चित करने की उम्मीद जताई जा रही है। सुशीला कार्की का यह शपथग्रहण समारोह सिर्फ राजनीतिक बदलाव नहीं बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नेपाल में महिलाओं को राजनीतिक नेतृत्व तक पहुँचने के नए अवसर मिल रहे हैं। इस कदम को नेपाल में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सुशीला कार्की की सरकार द्वारा आयोजित चुनाव और आगामी नीतियां नेपाल की स्थिरता और लोकतांत्रिक ढांचे के लिए निर्णायक साबित होंगी। उन्होंने कहा कि इस अवसर का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में सुधार के लिए किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल पर नेपाल और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी सुशीला कार्की के नेतृत्व की सराहना की है। कई देशों ने उन्हें बधाई संदेश भेजकर लोकतांत्रिक नेतृत्व और महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों के लिए उनके प्रयासों की प्रशंसा की है।
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