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उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA उम्मीदवार सी. पी राधाकृष्णन को जीत की बढ़त
Shantanu Roy
9 Sept 2025 6:55 PM IST

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New Delhi. नई दिल्ली। देश में उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव को लेकर आज दोपहर से मतगणना शुरू हो गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार सी. पी राधाकृष्णन को शुरुआत में ही बड़ी बढ़त मिलती दिख रही है। काउंटिंग के शुरुआती रुझानों में राधाकृष्णन विपक्ष के उम्मीदवार को बड़े अंतर से पीछे छोड़ते हुए आगे चल रहे हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि एनडीए के पक्ष में भारी समर्थन रहा और मतों की गिनती पूरी होने के बाद यह बढ़त और भी स्पष्ट हो सकती है।
#WATCH | दिल्ली: उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतगणना शुरू हुई।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 9, 2025
इस चुनाव में NDA उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन और विपक्षी दल INDIA ब्लॉक के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच मुकाबला है। pic.twitter.com/ufmpQI4HPV
सी. पी. राधाकृष्णन की बढ़त से राजनीतिक गलियारों में एनडीए की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। विपक्ष के उम्मीदवार को सीमित समर्थन मिला है। मतगणना के प्रत्येक चरण में राधाकृष्णन की जीत की संभावना और बढ़ती जा रही है। राज्यसभा की अध्यक्षता जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद के लिए इस चुनाव का परिणाम सरकार की स्थिरता और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकता है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों में मतदान प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से सम्पन्न हुई। मतगणना के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। सांसदों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई, जबकि कुछ दलों ने मतदान से दूरी बनाकर राजनीतिक संदेश दिया। कुल मिलाकर उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन की जीत की बढ़त ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें व्यापक समर्थन मिला है और मतगणना के अंतिम परिणाम में उनकी विजय सुनिश्चित मानी जा रही है।
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए आज सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान हुआ। संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के कुल 788 सदस्यों में से वर्तमान में 7 सीटें रिक्त हैं। इस प्रकार कुल 781 सांसद मतदान के पात्र थे। इनमें से 768 सांसदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जबकि 13 सांसद मतदान में शामिल नहीं हुए। अनुपस्थित रहने वाले सांसदों में बीआरएस के 4, बीजेडी के 7, अकाली दल का 1 और 1 निर्दलीय सांसद शामिल हैं।
एनडीए के पक्ष में कुल 427 सांसदों ने मतदान किया, जो स्पष्ट रूप से उसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है। वहीं विपक्ष के उम्मीदवार को सीमित समर्थन प्राप्त हुआ है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, एनडीए उम्मीदवार को दो-तिहाई से अधिक समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है। इस चुनाव में उपराष्ट्रपति पद की संवैधानिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ राजनीतिक संतुलन की भी अहम भूमिका है। संसद में मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। चुनाव आयोग की ओर से मतदान के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।
एनडीए के समर्थकों का कहना है कि जगदीप धनखड़ का लंबा प्रशासनिक अनुभव और ग्रामीण पृष्ठभूमि उन्हें देश के लिए उपयुक्त नेता बनाती है। वहीं विपक्ष ने चुनाव को लोकतांत्रिक मूल्यों की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया और वोटिंग प्रक्रिया में भाग लिया, भले ही समर्थन सीमित रहा हो। बीआरएस और बीजेडी जैसे क्षेत्रीय दलों द्वारा मतदान से दूर रहना भी राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। माना जा रहा है कि ये दल केंद्र सरकार की नीतियों से असहमति जताने या राजनीतिक संदेश देने के लिए मतदान से अनुपस्थित रहे।
मतगणना की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। प्रत्येक बैलेट की गिनती के साथ ही परिणाम स्पष्ट होते जा रहे हैं। संसद भवन परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों की टीम मतगणना की निगरानी कर रही है ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी हो। राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि इस चुनाव का परिणाम आगामी राज्यों के चुनाव और संसद में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। एनडीए की बढ़त से सरकार को स्थिरता का संदेश मिलेगा जबकि विपक्ष को अपने संगठन और रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।
उपराष्ट्रपति का पद संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी प्रभावशाली है। उपराष्ट्रपति राज्यसभा का अध्यक्ष होता है और कई बार महत्वपूर्ण विधायी बहसों में उसकी भूमिका निर्णायक होती है। ऐसे में इस चुनाव के परिणामों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। मतगणना पूरी होने के बाद आधिकारिक घोषणा की जाएगी, जिसके बाद संसद भवन में औपचारिक कार्यक्रम आयोजित होगा। वहीं, राजनीतिक दलों ने अपने-अपने कार्यालयों में परिणाम का स्वागत और विश्लेषण शुरू कर दिया है। इस चुनाव ने स्पष्ट कर दिया है कि एनडीए के पास संसद में मजबूत संख्या बल है और आगामी राजनीतिक घटनाक्रम में उसका प्रभाव निर्णायक रहेगा। वहीं विपक्ष की रणनीति आगामी दिनों में नई दिशा ले सकती है। परिणाम की आधिकारिक घोषणा के बाद पूरे देश की राजनीतिक नजरें अगले चरण की तैयारियों पर केंद्रित हो जाएंगी।
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