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झारखंड राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग से NDA समर्थित परिमल नाथवानी की जीत

Shantanu Roy
18 Jun 2026 7:21 PM IST
झारखंड राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग से NDA समर्थित परिमल नाथवानी की जीत
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Jharkhand. झारखंड। राज्यसभा चुनाव में झारखंड की दो सीटों पर हुए मतदान में राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। चुनाव में NDA समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवानी ने जीत हासिल की है, जबकि इस परिणाम को कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग की खबरों ने पूरे राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। चुनाव परिणाम के अनुसार परिमल नाथवानी को कुल 28 वोट मिले और उन्हें विजेता घोषित किया गया। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 20 वोट प्राप्त हुए और वे हार गए। दूसरी सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने जीत दर्ज की। उन्हें 30 वोट मिले, जबकि तीन वोट अमान्य घोषित किए गए। इनमें एक वोट कांग्रेस का और दो वोट भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बताए जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस चुनाव में सबसे अहम भूमिका क्रॉस वोटिंग ने निभाई। बताया जा रहा है कि INDIA ब्लॉक के कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर NDA समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया, जिससे परिमल नाथवानी की स्थिति मजबूत हो गई और उनकी जीत संभव हो सकी। सूत्रों के अनुसार चार विपक्षी विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जिसने चुनाव परिणाम को प्रभावित किया। इस चुनाव को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि झारखंड में NDA के पास कुल 24 विधायक हैं, जबकि राज्यसभा सीट जीतने के लिए 81 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 28 पहली पसंद के वोटों की आवश्यकता होती है। ऐसे में NDA समर्थित उम्मीदवार को विपक्षी खेमे से मिले अतिरिक्त वोट निर्णायक साबित हुए।
राज्यसभा चुनाव के परिणाम के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के नेताओं के लिए यह परिणाम रणनीतिक स्तर पर बड़ा झटका माना जा रहा है। पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं और आने वाले दिनों में इस पर आंतरिक समीक्षा की संभावना जताई जा रही है। वहीं JMM की ओर से बैद्यनाथ राम की जीत को अपेक्षित बताया जा रहा है, क्योंकि उनकी जीत पहले से ही लगभग तय मानी जा रही थी। लेकिन कुल मिलाकर चुनाव परिणाम ने राज्य की राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना दिया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि क्रॉस वोटिंग ने एक बार फिर यह साबित किया है कि राज्यसभा चुनावों में पार्टी अनुशासन और विधायकों की एकजुटता बेहद महत्वपूर्ण होती है। छोटे अंतर के कारण पूरा चुनाव परिणाम बदल सकता है, जैसा इस बार झारखंड में देखने को मिला। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सभी राजनीतिक दल अपने-अपने विधायकों की भूमिका की समीक्षा में जुट गए हैं। आने वाले समय में इस चुनाव के राजनीतिक असर झारखंड की गठबंधन राजनीति पर भी देखने को मिल सकते हैं।
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