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Mumbai मुंबई। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुंबई ने ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ड्रग तस्कर की 41.64 लाख रुपए की चल और अचल संपत्ति फ्रीज कर दी है। यह कार्रवाई ड्रग नेटवर्क की गैर-कानूनी आर्थिक सप्लाई को खत्म करने के उद्देश्य से की गई है। कॉम्पिटेंट अथॉरिटी और एडमिनिस्ट्रेटर, स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (प्रॉपर्टी जब्ती) एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के कार्यालय ने एनसीबी मुंबई द्वारा जारी फ्रीजिंग ऑर्डर की पुष्टि कर दी है। यह आदेश कोकेन, एलएसडी, गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल एक ड्रग किंगपिन की संपत्तियों पर लगाया गया है।
एनसीबी के अनुसार, 27–28 जनवरी 2021 को विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर मुंबई जोनल यूनिट ने नवी मुंबई के बेलापुर और नेरुल इलाके में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से कोकेन, एलएसडी (व्यावसायिक मात्रा) और गांजा समेत कई तरह के नशीले पदार्थ बरामद किए गए थे। ये ड्रग्स नवी मुंबई के विभिन्न इलाकों में बेचे जा रहे थे। जांच के दौरान इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड के रूप में सीबीडी बेलापुर, नवी मुंबई निवासी नवीन गुरुनाथ चिचकर की पहचान हुई। वह अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय ड्रग सिंडिकेट चलाने वाला कुख्यात ड्रग तस्कर है।
ड्रग तस्करी से अर्जित अवैध धन का पता लगाने के लिए गहन वित्तीय जांच की गई। इस दौरान सिटी बैंक में मौजूद एक बैंक खाता और एक लग्जरी कार मिनी कूपर सामने आई। नवंबर 2025 में इन संपत्तियों को फ्रीज किया गया था, जिनकी कुल कीमत 4,164,701 रुपए है। बाद में दिसंबर 2025 में सक्षम प्राधिकारी ने इस कार्रवाई को मंजूरी दी। एनसीबी के मुताबिक मुख्य आरोपी नवीन चिचकर बेलापुर और नेरुल इलाके का आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पांच मामले दर्ज हैं, जिनमें तीन एनसीबी मुंबई, एक नेरुल पुलिस स्टेशन और एक कस्टम विभाग में दर्ज है। लंबे समय तक निगरानी और प्रयासों के बाद एनसीबी ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है। एनसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि वे ड्रग तस्करी के खिलाफ इस लड़ाई में सहयोग करें। नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी से जुड़ी कोई भी जानकारी नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन (टोल-फ्री नंबर 1933) पर गुमनाम रूप से साझा की जा सकती है।
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