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Delhi दिल्ली: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने रविवार को म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। यह बैठक भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय संबंधों तथा क्षेत्रीय सहयोग के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत और म्यांमार लंबे समय से पड़ोसी देशों के रूप में सुरक्षा, संपर्क, व्यापार और सीमा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग करते रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों की यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति में म्यांमार की महत्वपूर्ण भूमिका है। दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और विकास परियोजनाओं को लेकर समय-समय पर उच्चस्तरीय वार्ताएं होती रही हैं। अजीत डोभाल और राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की मुलाकात भी इसी क्रम का हिस्सा मानी जा रही है।
हालांकि बैठक के एजेंडे और चर्चा के विस्तृत बिंदुओं की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों देशों के साझा हितों और सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ। भारत और म्यांमार के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से इस तरह की उच्चस्तरीय बैठकों को महत्वपूर्ण माना जाता है। यह मुलाकात क्षेत्रीय सहयोग और द्विपक्षीय संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है।
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