
x
Nagaland नागालैंड। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर दीमापुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक नागा नेता ने आदिवासी समुदायों की संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और पहचान को संरक्षित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदायों की विरासत को केवल संयुक्त राष्ट्र की मान्यता या किसी एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक इसे सुरक्षित पहुंचाना जरूरी है।
कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आदिवासी समुदायों ने अपनी विशिष्ट संस्कृति, भाषा, परंपराओं और जीवनशैली को पीढ़ियों से संभालकर रखा है। इन समुदायों का पारंपरिक ज्ञान उनके सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आधुनिकता और तेजी से बदलती सामाजिक परिस्थितियों के बीच इस ज्ञान और पहचान के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
नागा नेता ने विशेष रूप से पारंपरिक दाइयों की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी समाजों में पारंपरिक दाइयों ने पीढ़ियों से महिलाओं और नवजात बच्चों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका अनुभव और पारंपरिक ज्ञान समुदायों की अमूल्य विरासत का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक दाइयों के योगदान को सम्मान मिलना चाहिए और उनके ज्ञान को संरक्षित करने के प्रयास किए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, इन महिलाओं ने चिकित्सा सुविधाओं की सीमित उपलब्धता वाले क्षेत्रों में समुदायों की सेवा करते हुए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई है।
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ना जरूरी है। इसके लिए समुदाय स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पारंपरिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण और नई पीढ़ी को स्थानीय परंपराओं की जानकारी देने जैसे प्रयास किए जा सकते हैं।
विश्व आदिवासी दिवस दुनिया भर में आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संस्कृति, पहचान और योगदान को रेखांकित करने का अवसर प्रदान करता है। दीमापुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी इसी भावना के साथ नागा समाज की पारंपरिक विरासत और सामुदायिक ज्ञान को संरक्षित करने का संदेश दिया गया।
Tagsविश्व आदिवासी दिवसदीमापुर समाचारनागालैंड समाचारनागा समुदायआदिवासी संस्कृतिपारंपरिक ज्ञानआदिवासी पहचानपारंपरिक दाइयांजनजातीय विरासतआदिवासी अधिकारजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi newsWorld Indigenous Peoples DayDimapur NewsNagaland NewsNaga CommunityIndigenous CultureTraditional KnowledgeIndigenous IdentityTraditional MidwivesTribal HeritageIndigenous Rights
Next Story





