भारत
पांच दशकों से रावण के पुतले बना रहे मुस्लिम कारीगर, दशहरे की तैयारियां शुरू
jantaserishta.com
16 Oct 2026 9:04 AM IST

x
पढ़ें स्टोरी.
मुंबई: मुंबई में दशहरे के त्योहार को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। सायन कोलीवाड़ा,गिरगांव चौपाटी और आजाद मैदान में रावण के पुतले बनाने का काम शुरू हो चुका है। खास बात यह है कि पिछले पांच दशकों से भी अधिक समय से मुस्लिम कारीगर हाफिजुद्दीन अहमद रावण के पुतले बनाते आ रहे हैं। नोएडा और दिल्ली से मुंबई आने वाले हाफिजुद्दीन अहमद अपनी टीम के साथ इस बार भी रावण के पुतले तैयार करने में जुटे हुए हैं।
दशहरा हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है, जिसे बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर रावण के पुतले का दहन किया जाता है। इसके लिए विशालकाय पुतले तैयार किए जाते हैं, जिन्हें बनाने में बांस,कागज और दूसरी सामग्रियों का इस्तेमाल होता है। रावण के पुतले का ढांचा तैयार करने से लेकर उसकी सजावट तक, हर काम में विशेष कौशल, धैर्य और मेहनत की जरूरत होती है। हाफिजुद्दीन अहमद और उनकी टीम अपने लंबे अनुभव के आधार पर हर साल इन पुतलों को तैयार करती है।
पिछले पांच दशकों से भी ज्यादा समय से इस काम से जुड़े हाफिजुद्दीन अहमद के लिए यह सिर्फ रोजगार का जरिया नहीं, बल्कि उनकी कला और हुनर का अहम हिस्सा है। उनकी मेहनत यह दिखाती है कि कला का कोई धर्म नहीं होता और हुनर लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करता है।
भारत की सांस्कृतिक परंपरा में अलग-अलग धर्मों के लोगों का एक-दूसरे के त्योहारों और परंपराओं में योगदान देना सामाजिक सौहार्द की पहचान रहा है। हाफिजुद्दीन अहमद की यह पहल भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाती है। मुंबई जैसे बहुसांस्कृतिक शहर में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं और एक-दूसरे के त्योहारों में अपनी भूमिका निभाते हैं। हाफिजुद्दीन अहमद और उनकी टीम की मेहनत इसी आपसी सम्मान और भाईचारे की भावना को दर्शाती है।
सायन कोलीवाड़ा,गिरगांव चौपाटी और आजाद मैदान में रावण के पुतले तैयार होने के साथ ही दशहरे की तैयारियां भी जोर पकड़ रही हैं। हाफिजुद्दीन अहमद की यह कलात्मक यात्रा धार्मिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और देश की गंगा-जमुनी तहजीब की एक खूबसूरत मिसाल है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए हाफिजुद्दीन अहमद ने बताया कि वो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले हैं और वर्तमान में गौतम बुद्ध नगर जिले के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी कई पीढ़ियां पुतले बनाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि हम अलग-अलग जगहों पर रावण के भी पुतले बनाते हैं।
हाफिजुद्दीन अहमद ने कहा, "पुतले बनाने का मुझे शौक है और दूसरा यह कि इससे कमाई होती है। इसके अलावा, रावण के पुतले बनाने का मकसद यह है कि कैसे बुराई पर अच्छाई की विजय होती है।" एक अन्य कारीगर ने कहा, "मैं बचपन से ही इस काम को देखता आया हूं। कुछ समय तक दिल्ली में रावण के पुतले बनाए और पिछले करीब 20-25 साल से वे मुंबई में पुतले बनाते हैं।"
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





