भारत

'ऑपरेशन सिंदूर' के डर से नहीं उबरी मुनीर की सेना: दिया विवादित बयान, मानवाधिकार संगठन ने लताड़ा

jantaserishta.com
12 May 2026 5:28 PM IST
ऑपरेशन सिंदूर के डर से नहीं उबरी मुनीर की सेना: दिया विवादित बयान, मानवाधिकार संगठन ने लताड़ा
x
क्वेटा: ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत से करारी शिकस्त खा चुके पाकिस्तान का दर्द अब भी हरा है। यही वजह है कि भारतीय सेना की जाबांजी की कहानी कहते उस अभियान के एक साल पूरे होने पर कुछ ऐसा कहा गया जो लैंगिक असमानता को लेकर उसकी सोच दर्शाता है। नतीजतन अपने ही घर में वो घिर गया है। बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने कड़े शब्दों में उसकी निंदा की है।
बीएनएम अध्यक्ष नसीम बलोच ने मंगलवार को पाकिस्तानी शस्त्र सेना के उस बयान की कड़ी आलोचना की जिसमें उसने 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम चुने जाने पर तंज कसा था। बलोच के अनुसार, जो कहा गया वो बातें पाकिस्तान में महिलाओं के प्रति एक पिछड़ी सोच और गहरे भेदभाव को दिखाती हैं।
पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (डीजी आईएसपीआर) के महासचिव की बातों का हवाला देते हुए (जो देश की आर्म्ड फोर्सेज़ की ऑफिशियल मीडिया और पब्लिक रिलेशंस विंग है) कहा कि "सिंदूर महिलाओं से जुड़ा है, और एक सैन्य अभियान को मर्दों वाला नाम दिया जाना चाहिए था।"
इसी पर नसीम ने कहा कि बयान से पता चलता है कि "पाकिस्तानी समाज में महिलाओं की स्थिति क्या है और उनके साथ कैसा बर्ताव किया जाता है।" बलोच कार्यकर्ता ने कहा, "यह बयान सिर्फ एक शब्द के बारे में नहीं था; यह एक गहरी सोच को दर्शाता है, जहां महिलाओं से जुड़ी किसी भी चीज को कमजोर और कमतर समझा जाता है या फिर उसे तवज्जो ही नहीं दी जाती है।"
उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान में महिलाओं को अक्सर पुरुषों के मुकाबले समाज में कमतर आंका जाता है, इसीलिए 'औरत मार्च' जैसे आंदोलनों और महिला अधिकारों के कैंपेन का अक्सर "मजाक उड़ाया जाता है या फिर उनके खिलाफ नफरत भरी बातें" कही जाती हैं।
यह कहते हुए कि बलूचिस्तान महिलाओं के प्रति ऐसे पुरुष-प्रधान नजरिए के बिल्कुल उलट है, नसीम ने कहा, "बलूच महिलाओं ने ऐतिहासिक रूप से समाज में एक सम्मानित और प्रभावशाली स्थान रखा है और सदियों से लड़ाई के मैदान और विरोध का हिस्सा रही हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "इतिहास से लेकर आज तक, बलोच महिलाएं हिम्मत, सम्मान और पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रही हैं, जिससे यह साबित होता है कि ताकत और सम्मान जेंडर से तय नहीं होते।"
इससे पहले रविवार को, मानवाधिकार संगठन बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने सिंध सरकार की आलोचना की थी। दरअसल, सरकार ने संगठन को औरत मार्च प्रोग्राम में हिस्सा लेने से रोक दिया गया था। इस कदम को बलूचिस्तान के लोगों के खिलाफ "सरकारी फासीवाद" करार दिया गया।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story