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राजसमंद। राजसमंद नगर परिषद की ओर से लावारिस सांडों को पकडकऱ गौशाला भेजा जा रहा है। परिषद की ओर से अभी तक 115 सांडों को पकड़ा जा चुका है। आगामी दिनों में भी इनकी धरपकड़ जारी रहेगी। शहर में लावारिस सांडों ने आंतक मचा रखा है। भीड़भाड़ वाले एरिया में सांडों के आपस में लडऩे के कारण कई वाहन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, वहीं हमेशा जनहानि का अंदेशा बना रहता है। कुछ दिनों पहले चौपाटी पर एक व्यक्ति को सांड ने पटक दिया था। इससे उसका पैर फेक्चर हो गया था। गत दिनों मुख्य चौपाटी पर सांडों की लड़ाई के चलते करीब 20 मिनट तक आवाजाही बंद हो गई थी। इस पर 10 मार्च के अंक में ‘नगर परिषद को हादसे का इंतजार!, लावारिस सांडों की भिड़ंत से अफरा-तफरी’ शीषर्क से समाचार प्रकाशित किया गया।
इस पर नगर परिषद की ओर से लावारिस सांडों की धरपकड़ शुरू की गई। अब तक नगर परिषद 115 लावारिश सांडों को पकडकऱ गौशाला में भिजवाया जा चुका है। मुख्य सफाई निरीक्षक गिरिराज गर्ग ने बताया कि आगामी दिनों में भी लावारिस सांडों की धरपकड़ जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि शहर की मुख्य सडक़ों पर लावारिश गौवंश-सांडों का जमावड़ा लगा रहता है। इसके कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है, वहीं दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। शहर में कई गौपालक पशुओं का दूध निकालकर उन्हें लावारिश छोड़ देते हैं। गौवंश दिनभर विचरण करने के बाद फिर से लौटकर गौपालक के पास पहुंच जाता है, इससे वह उनका दूध निकालकर उन्हें खुला छोड़ देते हैं। इसमें सर्वाधिक शांति कॉलोनी के आस-पास के गौपालक है। ऐसे में नगर परिषद की ओर से इन्हें पाबंद कर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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