Featured

नगर निगम संपत्तिकर के बकाएदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में

6 Jan 2024 8:29 AM IST
नगर निगम संपत्तिकर के बकाएदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में
x

रेवाड़ी: नगर निगम नए साल पर संपत्तिकर के बकाएदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में हैं. नगर निगम प्रशासन पहली बार बकायादारों की संपत्ति नीलाम करेगा. नगर निगम आयुक्त ए. मोना श्रीनिवास ने निगम के कराधान विभाग को बकायादारों की कुंडली तैयार करने के आदेश दिए हैं. पुराना बकाएदारों की संपत्तियों को सील …

रेवाड़ी: नगर निगम नए साल पर संपत्तिकर के बकाएदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में हैं. नगर निगम प्रशासन पहली बार बकायादारों की संपत्ति नीलाम करेगा. नगर निगम आयुक्त ए. मोना श्रीनिवास ने निगम के कराधान विभाग को बकायादारों की कुंडली तैयार करने के आदेश दिए हैं.

पुराना बकाएदारों की संपत्तियों को सील करने की प्रक्रिया शुरू की गई है. इस प्रक्रिया में अगले महीने तेजी आएगी. जिन संपत्तियों को सील किया गया है, उन्हें नीलाम करने की प्रक्रिया पूरी करके जिलाधीश कार्यालय को अगले महीने भेजी जाएगी. शहर में करीब 13 संपत्तियों को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. नगर निगम आयुक्त ने सभी सातों जोन के क्षेत्रीय कराधान अधिकारियों के साथ कर वसूली की समीक्षा करते हुए वसूली के लिए सख्त से सख्त से कार्रवाई के आदेश दिए. अगर बकाया वसूली के लिए नीलामी की आवश्यकता है तो इसकी प्रक्रिया शुरू करें और जिलाधीश को प्रस्ताव भेजना चाहिए. उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा ब्याज माफी योजना का लाभ देने के बावजूद भी जिन बकायादारों ने अपना बकाया जमा नहीं करवाया है. अत ऐसी संपत्तियों को सील कर दिया जाए और जो संपत्ति सील है और नोटिस का जवाब नहीं दे रहे हैं, उन्हें नीलाम कर दिया जाए.

नगर निगम का करीब 150 करोड़ बकाया: निगमायुक्त के आदेश पर जब रिकॉर्ड खंगाले गए तो सामने आया कि नगर निगम प्रशासन का नागरिकों पर विभिन्न करों का करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये बकाया है. इसमें संपत्तिकर या गृहकर, अग्निशमन, पानी सीवर आदि के टैक्स बकाया है. निगम के कराधान विभाग ने करीब 10 हजार संपत्तियों को नाटिस अगले सप्ताह जारी करने की तैयारी में जुटा है. करीब 5.79 लाख मकान की नगर निगम प्रशासन के रिकॉर्ड में दर्ज है. इसमें बढ़ोतरी संभव है. करीब साठ फीसदी इकाईयों से संपत्तिकर या अन्य कर वसूली समयबद्ध होती है.

हरियाणा नगर निगम अधिनियम-87 की धारा-2 के तहत बकायेदारों को नगर निगम नोटिस देगा. नोटिस का जवाब नहीं देने पर निगम प्रशासन अधिनियम की धारा-1 के तहत नोटिस जारी करके सीलिंग की तैयारी करेगा. इसके नोटिस पर भी अगर बकायेदार नहीं आया तो फिर नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है. नीलामी की प्रक्रिया जिलाधीश के आदेश पर पूरी होगी. नगर निगम का नीलामी का प्रस्ताव मिलने पर उपायुक्त एक तहसीलदार की नियुक्ति उक्त नीलामी के लिए करेंगे. तहसीलदार नीलामी प्रक्रिया पूरी करवाएंगे.

Next Story