भारत

‘मुंबई का अरबपति भिखारी’ भीख से खड़ी की 7 करोड़ महीने की ‘अंडरग्राउंड इकॉनमी’!

Shantanu Roy
23 Nov 2025 10:25 PM IST
‘मुंबई का अरबपति भिखारी’ भीख से खड़ी की 7 करोड़ महीने की ‘अंडरग्राउंड इकॉनमी’!
x
460 करोड़ नकद बरामद होने का दावा
New Delhi. नई दिल्ली। सोशल मीडिया और विभिन्न सूत्रों में चर्चित नाम भरत जैन एक बार फिर सुर्खियों में है। दावा किया जा रहा है कि मुंबई में कभी फुटपाथों और ट्रैफिक सिग्नलों पर भीख मांगने वाला भरत जैन धीरे-धीरे इतनी बड़ी ‘भिखारी नेटवर्क इकॉनमी’ खड़ी कर चुका था कि उसकी मासिक कमाई 7 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। बताया गया है कि वह लगभग 18,000 भिखारियों की टीम का संचालन करता था, जिन्हें वह शेल्टर और भोजन उपलब्ध कराता था और बदले में उनकी कमाई का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा लेता था।


सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान उसके घर से 460 करोड़ रुपये नकद, कई दस्तावेज और संपत्ति के कागज़ बरामद किए गए। कहा जा रहा है कि उसके पास मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में 8 विला, 8 लग्ज़री फ्लैट, तथा 2 बेशकीमती बंगले हैं। यही नहीं, बताया जाता है कि वह हाल ही में 22 करोड़ रुपये का एक और
आलीशान
घर खरीदने पहुंचा था, तभी अधिकारियों की नजर उस पर पड़ गई और वह पकड़ा गया। भरत जैन की पृष्ठभूमि भी हैरान करने वाली बताई जाती है। कहा जा रहा है कि वह IIM कलकत्ता का छात्र रह चुका है और अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद जीवन में आर्थिक संकटों की वजह से सड़क पर आ गया।

भीख मांगने के ‘मॉडल’ को उसने व्यवस्थित रूप देकर नेटवर्क तैयार किया, जो समय के साथ एक संगठित ‘इकोनॉमिक चेन’ में बदल गया। कहा जा रहा है कि उसने अलग-अलग इलाकों में भीख मांगने के ठिकाने तय करने, सुरक्षा देने और रोजाना की कमाई के प्रतिशत मॉडल को लागू कर अपनी ‘संचालन प्रणाली’ को मजबूत बनाया। इसी के चलते वह भारत का अब तक का सबसे अमीर भिखारी बताया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक किसी एजेंसी द्वारा नहीं की गई है, लेकिन सोशल मीडिया में इस कहानी ने व्यापक चर्चा जरूर पैदा कर दी है। इस बीच, एक दिलचस्प सवाल भी उठ रहा है—भीख मांगने का ‘अविष्कार’ किसने किया? इतिहासकार बताते हैं कि भीख प्रणाली हजारों वर्ष पुरानी है, जिसकी शुरुआत धार्मिक संस्थानों, साधुओं और यात्रियों की सहायता करने की परंपराओं से हुई। बाद में समय के साथ यह व्यवस्था कई जगह सामाजिक और आर्थिक समस्या का रूप लेने लगी।
Next Story