
x
BHOPALभोपाल: Madhya Pradesh सरकार ने ग्रामीण इलाकों में खेती की ज़मीन के अधिग्रहण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट ने किसानों को राहत देने के लिए ज़मीन की कीमत को बाजार दर से चार गुना तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह निर्णय उस समय आया है जब Ken-Betwa Link Project के तहत भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों के विरोध और हंगामे की खबरें सामने आ रही थीं।
यह फैसला मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य किसानों को उचित मुआवजा देना और विकास परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को संतुलित बनाना है।
राज्य सरकार के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न सरकारी परियोजनाओं—जैसे सिंचाई, सड़क, जल संसाधन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं—के लिए जमीन अधिग्रहित की जा रही है। ऐसे में किसानों को बाजार दर से कई गुना अधिक भुगतान करने से उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
हाल के दिनों में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के तहत भूमि अधिग्रहण को लेकर कई जिलों में किसानों ने विरोध जताया था। उनका कहना था कि उन्हें जमीन के बदले पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल रहा है और इससे उनकी आजीविका प्रभावित हो सकती है। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने यह निर्णय लिया है।
कैबिनेट के फैसले के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में अधिग्रहित की जाने वाली खेती की जमीन के लिए किसानों को बाजार मूल्य का चार गुना तक भुगतान किया जाएगा। यह व्यवस्था केंद्र के भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों के अनुरूप है, लेकिन राज्य स्तर पर इसे प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया गया है।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से किसानों का भरोसा बढ़ेगा और विकास परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने में आने वाली दिक्कतें कम होंगी। साथ ही, इससे विरोध की स्थितियों में भी कमी आ सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में उचित मुआवजा एक महत्वपूर्ण पहलू होता है। यदि किसानों को उनकी जमीन के बदले पर्याप्त आर्थिक सहायता मिलती है, तो वे परियोजनाओं के प्रति अधिक सकारात्मक रुख अपना सकते हैं।
हालांकि, कुछ किसान संगठनों का कहना है कि केवल मुआवजा बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। उनका मानना है कि पुनर्वास, रोजगार और दीर्घकालिक आजीविका के विकल्प भी उतने ही जरूरी हैं।
सरकार की ओर से संकेत दिया गया है कि आने वाले समय में भूमि अधिग्रहण से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा हो सके।
फिलहाल, इस फैसले को केन-बेतवा प्रोजेक्ट समेत अन्य विकास योजनाओं के लिए अहम माना जा रहा है। इससे एक ओर जहां परियोजनाओं को गति मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर किसानों को भी बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
Tagsमध्य प्रदेशमोहन यादवकेन बेतवा प्रोजेक्टभूमि अधिग्रहणकिसानों का मुआवजा4 गुना कीमतकैबिनेट फैसलाMadhya PradeshMohan YadavKen Betwa Projectland acquisitioncompensation to farmers4 times the pricecabinet decisionजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





