
दिल्ली। NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव मंगलवार को अलग ही अंदाज में संसद पहुंचे। उनके सिर पर पट्टी बंधी थी। हाथ टूटा था। हाथ में लाठी थी।
इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ये विरोध है पुलिसिया कार्रवाई का। आज पुलिस हमारे साथ यही सब तो कर रही है। बिहार में पुलिस छात्रों पर AK-47 चला रही है। भ्रष्टाचारी धर्मेंद्र प्रधान को मिथिला का पाग पहनाया जा रहा है। बिहार में जुल्म की इंतहा हो गई है। राजस्थान में कल भी पेपर चोरी हुई है। बेटियों को लाठी से मार रहे हैं। राहुल गांधी जी को पीटा, प्रियंका जी को पीटा, अखिलेश जी को पीटा। कल इन लोगों ने चोर का सम्मान किया। मिथिला के सम्मान को ठाकुर ने गिराया है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से फायरिंग मामले में जांच की मांग की है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि निर्दोष छात्रों पर गोली चलाई गई और दोषी अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पहली बार किसी आंदोलन में AK-47 से गोली चलाई गई। गोली हवा में नहीं चलाई गई, बल्कि निर्दोष युवाओं की छाती को छलनी किया गया। सरकार ने रिहाई का आदेश तो दे दिया, लेकिन यह नहीं बताया कि गोली चलाने के लिए जिम्मेदार अधिकारी पर क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके आदेश पर AK-47 से फायरिंग की गई।
किसी सिपाही की इतनी हैसियत नहीं होती कि वह अपने स्तर पर AK-47 से गोली चला दे, इसलिए उसे बलि का बकरा नहीं बनाया जाना चाहिए।
आज संसद के मकर द्वार पर सुरक्षा एजेंसियों के हाथ पैर फूल गये जब पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव छात्रों पर AK 47 और लाठीचार्ज के विरोध में लाठी लेकर संसद में प्रवेश करने की कोशिश करने लगे।
— Jeetu Besla (@JeetuBesla) July 28, 2026
लाठी को देखकर सुरक्षाकर्मी पप्पू यादव के हाथ जोड़ने लगे... कि सर ये संसद में एलाऊ… pic.twitter.com/27XQjbx5D1





