
यूपी। अनियमितता के आरोप में बस्ती की मोटरयान निरीक्षक (आरआई) सीमा गौतम को निलंबित कर दिया गया है। गोरखपुर में 172 माल वाहनों के सकल भार यान में अनाधिकृत ढंग से वृद्धि करने के आरोप में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन की ओर से इनके निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
निलंबन के दौरान यह परिवहन आयुक्त कार्यालय से संबद्ध रहेंगी। वाहन पोर्टल पर प्रदर्शित डाटा के अनुसार इन्होंने उक्त वाहनों की भार वृद्धि में पंजीयन अधिकारी का अनुमोदन नहीं लिया। माल वाहनों के सकल भार यान में वृद्धि अपनी आईडी से कर दी। गोरखपुर में आरआई के पद पर तैनाती के दौरान सीमा गौतम ने 10 सितंबर 2025 को यह अनियमितता की थी। जांच के बाद आरोप सही पाए जाने पर इन्हें निलंबित कर दिया गया है। प्रयागराज के आरटीओ को इनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
उधर, लखनऊ में बिजली विभाग के भीतर व्याप्त रिश्वतखोरी और कार्यशैली में लापरवाही के खिलाफ सोमवार को दो जूनियर इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक संविदाकर्मी को बर्खास्त किया गया। वहीं एसडीओ के खिलाफ कार्यवाही के लिए सिफारिश की गई है। इसमें बिजली कनेक्शन देने के नाम पर दो लाख रुपये रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल होने के बाद गहरू उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर (जेई) विनय कुमार को निलंबित कर दिया गया।
अधीक्षण अभियंता (तकनीकी) ब्रह्म पाल ने निलंबित जेई को अधिशासी अभियंता 33 केवी वृंदावन अमौसी जोन संबंद्ध कर दिया। वहीं चिनहट के शिवपुरी में 10 खंभों की हाईटेंशन लाइन को अवैध तरीके से शिफ्ट करने के आरोप में जूनियर इंजीनियर वरूण पटेल को भी निलंबित कर दिया, जबकि एक संविदाकर्मी मधुर सेन को बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं एसडीओ अरविंद कुमार सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। साथ ही संविदा कर्मी मधुर सेन को बर्खास्त कर दिया गया है।





