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मां की शर्मनाक हरकत! नवजात को अस्पताल शौचालय में फेंका

SHIDDHANT
29 Nov 2025 12:08 AM IST
मां की शर्मनाक हरकत! नवजात को अस्पताल शौचालय में फेंका
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इलाज
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: मिर्जापुर जिले के राजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जब अस्पताल के शौचालय में एक नवजात बच्ची रोती हुई मिली। घटना की जानकारी जैसे ही अस्पताल कर्मचारियों को हुई, हड़कंप मच गया और तुरंत कार्रवाई की गई। नवजात को अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसका इलाज किया गया, जिसकी पुष्टि नर्स शिवा देवी ने की कि बच्ची स्वस्थ है। घटना के समय अस्पताल में सफाई कर रहे संविदा कर्मचारी राम सकल ने शौचालय से रोने की आवाज सुनी। उन्होंने
तुरंत
डॉक्टर सर्वेश कुमार पांडेय को सूचना दी। डॉक्टर और नर्स ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को शौचालय से बाहर निकाला और उसे प्रसव कक्ष में भर्ती कराया। बच्ची का इलाज किया गया और उसके स्वास्थ्य की स्थिति स्थिर बताई गई।

नवजात बच्ची मिलने की सूचना पुलिस और चाइल्ड लाइन को भी दी गई। इसके बाद बच्ची को उचित सुरक्षा और देखभाल के लिए चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्ची को क्यों और कैसे शौचालय में छोड़ा गया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि यह घटना स्वास्थ्य केंद्र में काम करने वाले कर्मचारियों और डॉक्टरों की सतर्कता और तत्परता का परिणाम है। सफाईकर्मी राम सकल की तेजी से की गई कार्रवाई ने नवजात बच्ची की जान बचाई। अस्पताल स्टाफ ने कहा कि ऐसी घटनाओं में त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है, और इस मामले में सभी कर्मियों ने मिलकर बच्ची को सुरक्षित रखा।

नर्स शिवा देवी ने आईएएनएस से बातचीत में बताया, “नवजात बच्ची को शौचालय में रोते हुए देखकर तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसका स्वास्थ्य अब ठीक है और उसे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया है। अस्पताल प्रशासन और स्टाफ की सतर्कता के कारण यह बच्ची सुरक्षित है। पुलिस ने कहा कि वे मामले की गहन जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बच्ची को शौचालय में क्यों छोड़ा गया। यह घटना मिर्जापुर और आसपास के क्षेत्र में लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि नवजात शिशुओं को इस तरह अकेला छोड़ देना अत्यंत खतरनाक है। इस घटना ने समाज में जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है, ताकि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और नवजात की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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