भारत
नौ लाख से ज्यादा डॉक्टर 28 लाख नर्स-आशा वर्कर लोगों तक पहुंचा रहे है जरूरी सेवाएं
Apurva Srivastav
12 April 2021 12:01 AM IST

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कोरोना पीड़ितों के इलाज में अपनी सेवाएं देना चाहते हैं। लाखों स्वास्थ्यकर्मियों ने इस पर रजिस्ट्रेशन कराया है।
कोरोना की पहली लहर के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 इंडिया पोर्टल का उद्घाटन कर इस पर उन स्वास्थ्यकर्मियों-संगठनों से रजिस्टर करने की अपील की थी जो कोरोना पीड़ितों के इलाज में अपनी सेवाएं देना चाहते हैं। लाखों स्वास्थ्यकर्मियों ने इस पर रजिस्ट्रेशन कराया है। अब तक कुल 9 लाख 27 हजार डॉक्टरों, एक लाख 53 हजार 656 चिकित्सा विद्यार्थियों ने कोरोना मरीजों की देखभाल के लिए स्वयं को पंजीकृत कराया है।
17 लाख 48 हजार 363 नर्सों और 10 लाख आशा वर्कर के अलावा लाखों रिटायर्ड स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य संगठनों से जुटे लोगों ने भी कोरोना महामारी के दौरान अपनी सेवाएं देने की बात कही थी। हालांकि कोरोना की पहली लहर कमजोर पड़ने के बाद अनेक लोग कोरोना मरीजों की सेवा से पीछे हट गए थे। अब दोबारा स्थिति गंभीर हो गई है, इसलिए माना जा रहा है कि सरकार इन लोगों से पुन: काम करने की अपील कर सकती है।
दिल्ली में दंत व आयुष चिकित्सक भी तैनात
दिल्ली सरकार पहले ही दंत चिकित्सकों और आयुष चिकित्सकों को कोरोना मरीजों की सेवा में मुख्य भूमिका निभाने के लिए आदेश जारी कर चुकी है। मरीजों की संख्या को देखते हुए दिल्ली सरकार ने डेंटल और आयुष डॉक्टरों को भी कोविड अस्पतालों में तैनात करने का निर्णय लिया है।
पूरे देश में अभी 8 लाख 32 हजार 445 आयुष चिकित्सक और दो लाख 17 हजार दंत चिकित्सक हैं, जो कोरोना मरीजों की देखभाल के लिए खुद को सरकार के पास रजिस्टर करा चुके हैं। साथ ही 11 लाख 25 हजार 222 फार्मासिस्ट लोगों को दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।
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