भारत
पांच साल में देश में 2900 से ज्यादा सांप्रदायिक हिंसा के मामले सामने आए: केंद्र सरकार
jantaserishta.com
8 Dec 2022 11:08 AM IST

x
DEMO PIC
नई दिल्ली (आईएएनएस)| देश में पिछले पांच सालों के दौरान 2900 से ज्यादा सांप्रदायिक हिंसा के मामले सामने आए हैं। केन्द्र सरकार ने राज्यसभा में अपने जवाब में ये जानकारी दी है। हालांकि पिछले सालों के मुकाबले 2021 में इन मामलों में कमी देखी गई। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि साल 2017 से 2021 के बीच सांप्रदायिक या धार्मिक दंगों से जुड़े 2,908 मामले दर्ज किए गए। नित्यानंद राय ने राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि साल 2021 में सांप्रदायिक या धार्मिक दंगों के 378, 2020 में 857, 2019 में 438, 2018 में 512 और 2017 में 723 मामले दर्ज किए गए। हालांकि उन्होंने कहा कि एनसीआरबी भीड़ द्वारा हत्या के सम्बन्ध में अलग से कोई आंकड़े नहीं रखता है।
नित्यानंद राय ने कहा कि चार जुलाई, 2018 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक परामर्श जारी किया गया था। उन्होंने कहा कि इसमें राज्यों से हिंसा भड़काने की संभावना वाली फर्जी खबरों और अफवाहों के प्रसार पर नजर रखने, उनका प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने और कानून अपने हाथ में लेने वाले व्यक्तियों से सख्ती से निपटने के लिए कहा गया था।
राय ने कहा कि इसके अलावा, 2018 में 23 जुलाई और 25 सितंबर को राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को परामर्श जारी किए गए थे, जिसमें उनसे देश में भीड़ की हिंसा जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उपाय करने के लिए कहा गया था।
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





