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20 से ज्यादा मौतें: बारिश से उफान पर नदियां, कई मकान और गाड़ियां मलबे में दबे

jantaserishta.com
14 Aug 2023 10:13 AM GMT
20 से ज्यादा मौतें: बारिश से उफान पर नदियां, कई मकान और गाड़ियां मलबे में दबे
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में 48 घंटे से अधिक समय से लगातार मूसलाधार बारिश ने सोमवार को कहर बरपा डाला। सोलन और शिमला में भूस्खलन की घटनाओं में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। शिमला के उपनगर सरमहिल में शिवालय पर पहाड़ टूटकर गिर पड़ा, जिसमें दो दर्जन से अधिक लोग दब गए। अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। इन्हें बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत कार्य चल रहा है। खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी मौके पर पहुंचे।
पहाड़ी से आए मलबे और विशालकाय पत्थरों ने कुछ ही सेकेंड में मंदिर का नामोनिशान मिटा दिया। पलभर में सबकुछ मिट्टी में मिल गया। भूस्खलन से घटनास्थल पर अफरा तफरी मच गई। तबाही का मंजर देख हर कोई सिहर उठा। इस दर्दनाक घटना के बाद घटनास्थल पर कोहराम मच गया। पुलिस व प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंची और राहत और बचाव का काम शुरू किया। हादसे के करीब दो घंटे बाद दो मासूम बच्चों समेत 9 लोगों के शव निकाले गए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक श्रावण माह के हर सोमवार को शिव बावड़ी मंदिर में खीर का भंडारा लगता है। भारी बारिश के बीच आज भी सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग मंदिर में जुट गए थे। कुछ पूजा कर रहे थे तो कुछ खीर पकाने में जुटे हुए थे। सिर पर मंडराते खतरे से बेखबर लोग भक्तिभाव में लीन थे। लगातार बारिश की वजह से मंदिर के ऊपर पहाड़ पर अचानक भूस्खलन हुआ। इसकी वजह से मंदिर पर अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा आकर गिर पड़ा। मंदिर में मौजूद कुछ ही लोग जान बचाकर भाग बाए और बाकी मलबे में ही दब गए।
हादसे का शिकार हुआ शिव बावड़ी मंदिर शिमला का प्राचीन शिवालय है। यह उपनगर समरहिल से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है। मंदिर परिसर के समीप रिहायशी कॉलोनियां हैं। इस क्षेत्र में रहने वाले अधिकतर लोगों में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षक और छात्र शामिल हैं। मंदिर परिसर में तीन शिवलिंग, भगवान राम, कृष्ण, नारायण, दुर्गा माता की मूर्तियां हैं। इसके अलावा पुजारियों के रहने के लिए पांच कमरे हैं। यहां कई सालों से गढ़वाल के पुजारी पूजा-अर्चना कर रहे थे। मंदिर परिसर में हवन और बड़े धार्मिक आयोजन भी होते थे। इस मंदिर के पास बावड़ी होने की वजह से इस जगह का नाम शिब बावड़ी पड़ा। हाल के कुछ वर्षों में मंदिर कमेटी ने इस मंदिर को भव्य रूप दिया था।
सीएम सुक्खू ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, 'शिमला से परेशान करने वाली खबर सामने आई है जहां भारी बारिश के कारण समर हिल में शिव मंदिर ढह गया। अभी तक नौ शव बरामद किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन लोगों को बचाने के लिए मलबा हटाने का काम कर रहा है। ओम शांति।' उन्होंने एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, ''विनाशकारी बारिश से शिमला के समरहिल इलाके में शिव मंदिर के समीप भूस्खलन हुआ जिसमें कई लोग मलबे में दब गए। कुछ लोगों की मौत हो गई है। मैं घटनास्थल पर मौजूद हूं। मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।'
हिमाचल प्रदेश में रविवार से भारी बारिश हो रही है। भूस्खलन होने से शिमला-चंडीगढ़ मार्ग समेत कई सड़कें बंद हो गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो सप्ताहों में बार-बार भूस्खलन होने के कारण शिमला तथा चंडीगढ़ को जोड़ने वाले शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग का एक प्रमुख हिस्सा प्रभावित हो गया है। उन्होंने बताया कि रविवार को सोलन में कोटी के समीप चक्की मोड़ पर सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में भारी वाहन फंस गए। छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग खोले जा रहे हैं।
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