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मानसून का कहर: राज्यों में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही

Subhi
12 July 2026 7:08 AM IST
मानसून का कहर: राज्यों में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही
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उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन तथा मलबा आने से हालात बिगड़ गए हैं। दोनों राज्यों में 300 से अधिक सड़कें बंद हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। उत्तराखंड में तीन राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 120 सड़कें, जबकि हिमाचल प्रदेश में 189 सड़कें, 146 से ज्यादा बिजली के ट्रांसफॉर्मर और 104 पेयजल योजनाएं बंद हैं। वहीं, यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा बह जाने से फंसे करीब 100 श्रद्धालुओं को रस्सियों के सहारे सुरक्षित निकाला गया। बारिश के कारण सड़कें खोलने का काम प्रभावित हो रहा है। उधर, मिजोरम में लगातार बारिश के बीच चार यात्री बाढ़ के पानी में फंस गए, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। महाराष्ट्र के पुणे में कचरा प्लांट में मरने वालों की संख्या आठ हो गई है। बचाव दल ने मलबे में फंसे 14 लोगों को निकाल लिया है। बचाव अभियान जारी है।

इधर मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र समेत देश के 7 राज्यों में अगले 5 दिन बहुत कम बारिश होने की संभावना जताई है। आईएमडी की नई सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक बादल पूर्व और पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे उत्तराखंड, यूपी, बिहार, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा की तरफ चले गए हैं। देश के जिन हिस्सों में मानसून थोड़ा बहुत सक्रिय है, वहां सड़कों पर पानी भरने, नदियों में बाढ़ आने जैसी घटनाएं हो रही हैं।

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में हवा में लटका वैली ब्रिज शनिवार रात ढह गया। इससे सांगला घाटी का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। बीते शुक्रवार को भारी बारिश के बाद ब्रिज के निचले हिस्से से लैंडस्लाइड हो गया था। इससे ब्रिज हवा में लटका था। शिमला के रझाना में भी बीती रात में पहाड़ी से लैंडस्लाइड से दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई। प्रदेश के पांच जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी के कुछ क्षेत्रों में रविवार को भी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के सिरोबगड़ में भूस्खलन के कारण लगभग दो घंटे तक बंद रहने के बाद, शनिवार को बद्रीनाथ हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए फिर से खोल दिया गया। भूस्खलन के कारण सड़क पर मलबा गिरने से सुबह करीब 3:30 बजे हाईवे जाम हो गया था, जिससे इस रास्ते पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई थी। दूसरी ओर बारिश के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग के संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।

सप्ताहांत पर शनिवार को धर्मनगरी सहित मां वैष्णो देवी के दरबार में सुहावने मौसम के बीच यात्रा जारी रही। खराब मौसम के कारण कटड़ा से संचालित हेलिकॉप्टर सेवा दिनभर प्रभावित रही। इससे हेलिकॉप्टर सेवा का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं को पैदल, घोड़े, पालकी अथवा पिट्ठू सेवाओं का सहारा लेकर भवन की ओर प्रस्थान करना पड़ा। मौसम विभाग की संभावनाओं को देखते हुए यात्रा के दौरान बारिश होने की आशंका भी बनी हुई है।

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