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संसद का मॉनसून सत्र 19 जुलाई से होगा शुरू, सांसदों के लिए 'RT-PCR टेस्ट' जरूरी नहीं

Kunti
12 July 2021 9:13 AM GMT
संसद का मॉनसून सत्र 19 जुलाई से होगा शुरू, सांसदों के लिए RT-PCR टेस्ट जरूरी नहीं
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कोरोना वायरस महामारी के बीच संसद का मॉनसून सत्र (Monsoon Session) 19 जुलाई शुरू।

कोरोना वायरस महामारी के बीच संसद का मॉनसून सत्र (Monsoon Session) 19 जुलाई शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि इस दौरान 19 कार्यदिवस होंगे. आमतौर पर संसद का मानसून सत्र जुलाई के तीसरे सप्ताह से शुरू होता है और स्वतंत्रता दिवस से पहले समाप्त होता है.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि कोरोना काल में हमने तीन सत्र आयोजित किए हैं. हर सत्र में सामान्य से ज्यादा सांसद उपस्थित रहे. सांसदों ने देर रात तक बैठकर भी काम किया. 24 घंटे RTPCR की सुविधा रहेगी. अधिकतम सदस्यों ने वैक्सीन लगवा ली है. 311 सांसदों ने दोनों डोज ले लिए हैं. वहीं, 23 सांसद कोरोना होने के कारण वैक्सीन नहीं ले पाए हैं.
'नए मंत्रिमंडल गठन के कारण कई स्थान खाली'
18 जुलाई को सदन के सभी फ्लोर लीडर की बैठक होगी, ताकि सत्र चलाने पर चर्चा हो सके. 377 के तहत उठाए गए सांसदों के मुद्दों को एक महीने के अंदर जवाब मिल जा रहा है और यह 95 फीसदी तक हो रहा है. नए मंत्रिमंडल गठन की वजह से कई समितियों में स्थान रिक्त हुए हैं. उनका पुनर्गठन किया जाएगा.
सरकार ने सत्र के दौरान पारित होने के लिए प्रमुख विधेयकों की रूपरेखा तैयार कर ली है. इनमें प्रमुख हवाई अड्डों को नामित करने के लिए एक विधेयक, माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए प्रस्तावित कानून, बाल संरक्षण प्रणाली को मजबूत करना और एक अंतरराज्यीय नदी जल विवाद निवारण समिति की स्थापना विधेयक शामिल हैं.
मानसून सत्र को लेकर तैयारियां जारी
संसद के मानसून सत्र को लेकर सरकार की तैयारियां जोरों पर हैं. सरकार ने सत्र के दौरान पारित होने के लिए प्रमुख विधेयकों की रूपरेखा तैयार कर ली है. इनमें प्रमुख हवाई अड्डों को नामित करने के लिए एक विधेयक, माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए प्रस्तावित कानून, बाल संरक्षण प्रणाली को मजबूत करना और एक अंतरराज्यीय नदी जल विवाद निवारण समिति की स्थापना विधेयक शामिल हैं.
कोरोना ने 2020 से संसद सत्र को किया प्रभावित
कोरोना महामारी ने मार्च 2020 से संसद सत्र को प्रभावित किया था. संसद के पिछले तीन सत्रों को बीच में ही समाप्त करना पड़ा, जबकि सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के कारण 2020 का पूरा शीतकालीन सत्र रद्द कर दिया गया था. कोरोना के कारण कई विधेयकों के पारित होने में देरी हुई, जबकि कई चर्चाएं मुख्य रूप से विपक्षी दलों द्वारा प्रायोजित, को नहीं लिया जा सका.
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