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मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में करेंगे संबोधन

Tara Tandi
11 Aug 2026 10:54 AM IST
मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में करेंगे संबोधन
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Washington वॉशिंगटन: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क शहर में हिंदू अमेरिकियों की एक बड़ी सभा को संबोधित करेंगे। अमेरिका में उनका यह सार्वजनिक कार्यक्रम एक दुर्लभ घटना होगी।
आयोजकों के एक बयान के अनुसार, 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' (सार्वभौमिक एकता समारोह) में देश भर से हिंदू सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, सेवा और सामुदायिक संगठन एक साथ आएंगे।
यह सभा रक्षा बंधन के त्योहार के समय होगी। इसका मुख्य फोकस एकता, नागरिक जिम्मेदारी, सामाजिक सद्भाव और विभिन्न धर्मों के बीच आपसी समझ पर होगा।
इस कार्यक्रम का आयोजन 'अमेरिकन हिंदूज़ फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग' (AHEAD) फोरम द्वारा सैकड़ों सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर किया जा रहा है। आयोजकों ने इसे अमेरिका में आयोजित होने वाले सबसे बड़े और सबसे विविध हिंदू सामुदायिक कार्यक्रमों में से एक बताया है।
2009 से RSS का नेतृत्व कर रहे भागवत के मुख्य भाषण देने की उम्मीद है। आयोजकों का कहना है कि उनके कार्यक्रम में शामिल होने से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी, क्योंकि वे अमेरिका में बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में बहुत कम ही बोलते हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के वक्ता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी, जो सार्वभौमिक एकता की थीम पर आधारित होंगी। अन्य वक्ताओं, कार्यक्रम स्थल और समय के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
आयोजकों ने कहा कि यह कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका भर में सामाजिक एकजुटता, बहुलवाद, नागरिक भागीदारी और विभिन्न धर्मों के बीच आपसी समझ जैसे मुद्दों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह सभा सार्वजनिक जीवन में हिंदू अमेरिकियों की बढ़ती भूमिका और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, व्यापार, जनसेवा, परोपकार और नागरिक कार्यों में उनके योगदान को उजागर करेगी।
यह कार्यक्रम प्राचीन भारतीय दार्शनिक सिद्धांत 'वसुधैव कुटुंबकम' — यानी "पूरी दुनिया एक परिवार है" — को बातचीत, आपसी सम्मान, साझा जिम्मेदारी और सेवा के आधार के रूप में पेश करेगा।
इसमें भाग लेने वाले लोग अलग-अलग भाषाई, क्षेत्रीय, सांस्कृतिक और संगठनात्मक पृष्ठभूमि से होंगे। आयोजकों ने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद यह दिखाना होगा कि कैसे एक विविध समुदाय अपनी अलग-अलग परंपराओं को बनाए रखते हुए साझा मूल्यों के आधार पर एकजुट हो सकता है।
रक्षा बंधन पारंपरिक रूप से भाई-बहनों के बीच के बंधन और एक-दूसरे की रक्षा और देखभाल करने की जिम्मेदारी का सम्मान करता है। बयान के अनुसार, न्यूयॉर्क का कार्यक्रम इस भावना को समुदायों, देशों, मानवता और प्रकृति के बीच के रिश्तों तक भी बढ़ाएगा। इसमें कम्युनिटी लीडर्स, एंटरप्रेन्योर, डॉक्टर, शिक्षक, वकील, कलाकार, चुने हुए अधिकारी, पूर्व सैनिक, युवा नेता, धार्मिक नेता और वॉलंटियर्स के शामिल होने की उम्मीद है।
देश भर के मंदिरों, योग संगठनों, शिक्षण संस्थानों, सेवा समूहों, भाषाई और क्षेत्रीय संघों, सांस्कृतिक संस्थाओं और अलग-अलग धर्मों के समुदायों से भी प्रतिनिधिमंडल आएंगे।
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