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उत्तर 24 परगना: बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। माकपा (CPI-M) के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या प्रदेश में आध्यात्मिक गुरुओं, संतों, संन्यासियों और साधु-संतों की कोई कमी है, जो उन्हें बाहर से बुलाने की जरूरत पड़ी। उत्तर 24 परगना में मीडिया से बातचीत के दौरान मोहम्मद सलीम ने कहा, "क्या हमारे यहां आध्यात्मिक गुरुओं की कमी है? क्या हमारे यहां संतों और संन्यासियों की कमी है? क्या हमारे यहां ऋषि और तपस्वियों की कमी है? फिर उन्हें यहां लाने की जरूरत क्यों पड़ी?"
मोहम्मद सलीम ने इस दौरान 'धाम' शब्द को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म की परंपराओं में कुछ विशेष धाम और पीठों का उल्लेख मिलता है। उन्होंने चार धाम यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं की अपनी एक स्थापित व्यवस्था रही है। माकपा नेता की टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यक्रमों और उनकी मौजूदगी को लेकर राजनीतिक तथा सामाजिक स्तर पर चर्चा हो रही है। सलीम ने सवाल किया कि स्थानीय आध्यात्मिक परंपराओं और यहां मौजूद संतों के रहते बाहर से किसी धार्मिक गुरु को बुलाने की आवश्यकता क्यों महसूस की गई।
उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में धर्म और धार्मिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए इस पूरे विषय पर सवाल खड़े किए। हालांकि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को किस विशेष कार्यक्रम या आयोजन के लिए बुलाए जाने के संदर्भ में उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी, इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम से जुड़े धार्मिक आयोजनों और अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी भी देखने को मिलती है। अब मोहम्मद सलीम के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं। फिलहाल धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री या कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से सलीम की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है।
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