
100 करोड़ लोगों ने देखा वीडियो, मोदी ने मेलोनी को भारत में बनी पारले की मेलोडी टॉफी गिफ्ट की
मेलोनी का मेलोडी चाकलेट गिफ्ट पोस्ट दिनभर इंटरनेट में ट्रेंड करता रहा दुनिया में करोड़ों यूर्जस ने देखा
युद्ध और तनाव, आपसी खीचतान के बीच दो देशों के नेताओं ने प्यारा सा संदेश देकर सनसनी फैलाई
टॉफी डिप्लोमेसी वीडियो इटली के प्रधानमंत्री मेलोनी ने जारी किया जिसके बाद से मोदी विरोधी इसे पचा नहीं पा रहे है और उलजुलुल वीडियो जारी कर विरोध जता रहे है
दिल्ली/रोम (जसेरि)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट की। पीएम मेलोनी ने एक्स पर इस वीडियो को पोस्ट कर कहा- प्रधानमंत्री मोदी मेरे लिए गिफ्ट में बहुत-बहुत अच्छी टॉफी लेकर आए- मेलोडी। गिफ्ट के लिए थैंक्यू। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन (10 करोड़) से ज्यादा बार देखा गया। वहीं एक्स पर भी इसे 74 लाख से ज्यादा व्यू मिले।
Concluding a very productive visit to Italy. My discussions with Prime Minister Giorgia Meloni covered a wide range of sectors. A key outcome of the visit was our decision to elevate India-Italy ties to a Special Strategic Partnership, which will add new momentum to our… pic.twitter.com/3zjtt6uVeL
— Narendra Modi (@narendramodi) May 20, 2026
पीएम मोदी अपने पांच देशों के दौरे के आखिरी चरण में मंगलवार को इटली पहुंचे। वहां पीएम मेलोनी ने उनका स्वागत किया। दोनों रोम की सडक़ों पर एक ही कार में घूमे और करीब 2000 साल पुराने ऐतिहासिक कोलोजियम का दौरा भी किया।
मोदी ने मेलोनी को मेलोडी टॉफी ही क्यों दी
मोदी ने मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी इसलिए गिफ्ट की थी क्योंकि सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं के नामों को जोडक़र मेलोडी शब्द काफी वायरल हो गया था। असल में मेलोनी और मोदी के नामों को जोडक़र लोगों ने मजाकिया और दोस्ताना अंदाज में मेलोडी कहना शुरू कर दिया था। टी20 और दूसरे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में दोनों नेताओं की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद यह शब्द इंटरनेट मीम और ट्रेंड बन गया। इसी को हल्के-फुल्के अंदाज में लेते हुए मोदी ने मेलोनी को भारत की मशहूर टॉफी गिफ्ट की। मोदी और मेलोनी की दिसंबर 2023 में दुबई में समिट में मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए मेलोनी ने कैप्शन में पहली बार ‘मेलोडी’ लिखा था।
मेड इन इटली और मेक इन इंडिया की साझेदारी स्वाभाविक, पीएम मोदी और पीएम मेलोनी का साझा ब्लॉग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने दोनों देशों के संबंधों, आर्थिक विकास और सहयोग पर ब्लॉग लिखा है। इस ब्लॉग में दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिशीलता, सामाजिक रचनात्मकता और हजारों साल पुरानी स यतागत समझ पर विस्तार से चर्चा की गई है। दोनों वर्ल्ड लीडर ने लिखा है कि, मेड इन इटली हमेशा से पूरी वर्ल्ड में एक्सीलेंस का प्रतीक रहा है और आज इसकी स्वाभाविक साझेदारी मेक इन इंडिया पहल के हाई-क्वालिटी लक्ष्यों के साथ बन रही है। इस संदर्भ में भारत के लिए प्रोडक्शन को लेकर इटली की कंपनियों की बढ़ती रुचि और इटली में भारतीय इंडस्ट्री की बढ़ती मौजूदगी एक सकारात्मक संकेत है जो हमारी सप्लाई चेन के इंटीग्रेशन को और मजबूत करेगा। लेख में कहा गया है कि ऐसी कंपनियों की सं या अब दोनों तरफ से 1,000 से ज्यादा हो चुकी है। पीएम मोदी अपने विदेश दौरे के आखिरी चरण में बुधवार को इटली में है। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर बात होगी। दोनों नेताओं ने इस लेख में लिखा है कि भारत और इटली के बीच संबंध अब एक निर्णायक दौर में पहुंच चुके हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में अभूतपूर्व तेजी आई है और यह सौहार्दपूर्ण मित्रता से आगे बढक़र स्वतंत्रता, लोकतंत्र और भविष्य को लेकर साझा विजन पर आधारित एक सच्ची स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप में बदल गए हैं।
आगे लिखा गया है, ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था गहरे बदलाव के दौर से गुजर रही है,इटली और भारत की साझेदारी उच्च राजनीतिक और संस्थागत स्तर पर नियमित संवाद से आगे बढ़ रही है और अब एक नए तथा व्यापक आयाम हासिल कर रही है, जो हमारी आर्थिक गतिशीलता, सामाजिक रचनात्मकता और हजारों साल पुरानी स यतागत समझ को साथ जोड़ती है। हमारा सहयोग इस साझा समझ को दर्शाता है कि 21वीं सदी में समृद्धि और सुरक्षा इस बात से तय होगी कि देश इनोवेशन, एनर्जी ट्रांजिशन के प्रबंधन और स्ट्रैटेजिक संप्रभुता को मजबूत करने में कितने सक्षम हैं। इसी उद्देश्य से हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा तथा डाइवर्स बनाने का संकल्प लिया है, ताकि नए लक्ष्यों को हासिल किया जा सके और एक-दूसरे की पूरक क्षमताओं का बेहतर उपयोग हो सके।
इस ब्लॉग में दोनों प्रधानमंत्रियों ने दोनों देशों के बीच यूरोपियन यूनियन और भारत के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट दोनों दिशाओं में ट्रेड और इनवेस्टमेंट बढ़ाने का रास्ता खोलता है। हमारा लक्ष्य 2029 तक इटली और भारत के बीच 20 बिलियन यूरो के ट्रेड टारगेट को हासिल करना और उससे आगे निकलना है। इसके लिए डिफेंस और एयरोस्पेस, क्लीन टेक्नोलॉजी, मशीनरी, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स, केमिकल्स, फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल, एग्री-फूड, टूरिज्म समेत कई सेक्टर्स पर फोकस किया जाएगा।
मेड इन इटली हमेशा से पूरी वर्ल्ड में एक्सीलेंस का प्रतीक रहा है और आज इसकी स्वाभाविक साझेदारी मेक इन इंडिया पहल के हाई-क्वालिटी लक्ष्यों के साथ बन रही है। इस संदर्भ में भारत के लिए प्रोडक्शन को लेकर इटली की कंपनियों की बढ़ती रुचि और इटली में भारतीय इंडस्ट्री की बढ़ती मौजूदगी, जिनकी सं या अब दोनों तरफ से 1,000 से ज्यादा हो चुकी है, एक सकारात्मक संकेत है जो हमारी सप्लाई चेन के इंटीग्रेशन को और मजबूत करेगा।
इस ब्लॉग में भारत के डिजिटल इकोसिस्टम की चर्चा है
दोनों नेताओं ने लिखा है कि भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पहले ही बड़ी सं या में देशों, खासकर ग्लोबल साउथ में, अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब हमारे समाज और ग्लोबल अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल रही है। इटली और भारत लंबे समय से यह सुनिश्चित करने के लिए साथ काम कर रहे हैं कि डेवलपमेंट जि मेदारीपूर्ण और मानव-केंद्रित हो। इसी नजरिये से भारत और इटली ्रढ्ढ को समावेशी विकास के एक मजबूत माध्यम के रूप में भी देखते हैं, खासकर ग्लोबल साउथ के लिए, जहां डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुलभ बहुभाषी टेक्नोलॉजी विभाजन बढ़ाने के बजाय उसे कम कर सकती हैं।
टेक्नोलॉजी के केंद्र में इंसान को रखने वाले भारत के रू्रहृ्रङ्क विजन और मानवीय परंपरा पर आधारित मानव-केंद्रित एल्गोर-एथिक्स को बढ़ावा देने में इटली की अग्रणी भूमिका के आधार पर हमारी साझेदारी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम बने। हमारा दृष्टिकोण भारत की डिजिटल क्षमता को इटली की एथिकल और इंडस्ट्रियल विशेषज्ञता के साथ जोड़ता है, ताकि टेक्नोलॉजी मानव गरिमा की सेवा करे। पीएम मोदी और पीएम मेलोनी ने कहा कि हम अपनी साझा चुनौतियों का समाधान दोनों देशों के बीच गहरी साझेदारी और दीर्घकालिक सांस्कृतिक संबंधों के आधार पर कर सकते हैं। भारतीय संस्कृति में धर्म की अवधारणा उस जि मेदारी की भावना को दर्शाती है, जो हमारे कार्यों का आधार बननी चाहिए, जबकि वसुधैव कुटु बकम, यानी पूरी दुनिया एक परिवार है, का सिद्धांत आज के आपस में जुड़े डिजिटल युग में गहराई से प्रतिध्वनित होता है। ऐसे मूल्य इटली की पुनर्जागरण काल से जुड़ी मानवतावादी परंपरा में भी स्वाभाविक रूप से दिखाई देते हैं, जो हर व्यक्ति की गरिमा और समाजों तथा लोगों को जोडऩे में संस्कृति की शक्ति को महत्व देती है।
पीएम मेलोनी की हिंदी सुनी आपने, बहुत परिश्रम करना पड़ा...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा के दौरान पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने हिंदी में बोलकर सबको चौंका दिया। पीएम मोदी के साथ साझा बयान जारी कर रहीं मेलोनी ने इटली-भारत संबंधों की भावना को व्यक्त करने के लिए हिंदी के एक वाक्य का इस्तेमाल किया। उन्होंने पीएम मोदी की ओर देखते हुए कहा, परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। इसके बाद पीएम मेलोनी ने अंग्रेजी में कहा- उ मीद करती हूं मैंने इसे ठीक से बोल लिया। मेलोनी को हिंदी में बोलने के लिए अच्छी खासी मशक्कत करनी पड़ी। पीएम मेलोनी बुधवार को रोम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त बयान जारी कर रही थीं। इस दौरान वे भारत-इटली रिश्ते की चर्चा कर रही थीं।
मेलोनी ने इतालवी भाषा में कहा, एक भारतीय शब्द है जो इसे बहुत अच्छे से बताता है, वह है परिश्रम। उन्होंने अपने अंदाज में परिश्रम शब्द का हिंदी में उच्चारण किया। इसके आगे उन्होंने परिश्रम, जिसका मतलब है कड़ी मेहनत, लगातार कमिटमेंट। एक शब्द जो मुझे पता है कि भारत में बहुत बार इस्तेमाल होता है, और इसे बहुत पॉपुलर तरीके से इस्तेमाल किया जाता है, परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने खुद इस बात का अनुवाद किया, जिसका मतलब है, कड़ी मेहनत ही सफलता की कुंजी है। और हम इसका इस्तेमाल इस तरह से अपने रिश्ते बनाने के लिए करते हैं, कड़ी मेहनत के साथ, जो आखिर में सफलता बन जाती है। बता दें कि पीएम मोदी मंगलवार रात इटली की राजधानी रोम पहुंचे। यह उनके पांच देशों के दौरे का आखिरी पड़ाव था। इटली की पीएम मेलोनी के साथ बातचीत से पहले रोम में उन्हें औपचारिक सैन्य स मान दिया गया।
प्रधानमंत्री मेलोनी ने बुधवार को कहा कि रोम के विला डोरिया पै िफली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के बाद कहा कि इटली और भारत अपने द्विपक्षीय संबंधों के स्तर को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ा रहे हैं। मेलोनी ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, अब इटली और भारत पहले से कहीं ज़्यादा करीब हैं। मैं हमारे देशों के बीच संबंधों के लिए इस दिन को ऐतिहासिक कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं मानूंगी। मेरे मित्र नरेंद्र मोदी 2014 से लगातार भारत का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन इटली की यह उनकी पहली यात्रा है। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इटली की पिछली द्विपक्षीय यात्रा 2000 में हुई थी। मेलोनी ने कहा कि यह यात्रा उस सफर का नतीजा है जिसे हमने अपने संबंधों को फिर से जोडऩे के लिए पिछले कुछ वर्षों में बनाया है, और इसे अब तक के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचाया है। वहीं पीएम मोदी ने एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ बातचीत बहुत अच्छी रही। भारत-इटली की दोस्ती को आगे बढ़ाने के प्रति उनका समर्पण सराहनीय है। हमारे देशों के बीच व्यापार, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में काफी प्रगति हुई है। संबंधों को और अधिक गहरा करने के लिए, हमने अपने संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचा दिया है।
आलोचना भी हुई, विपक्ष ने साधा निशाना
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीति भी तेज हो गई। विपक्ष के कई नेताओं ने सवाल उठाए कि जब दुनिया आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही है तब प्रधानमंत्री का ऐसा डेलीगेसी डिप्लोमेसी एक राहत भरी क्षण मात्र हो सकती है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे नौटंकी तक बताया। लेकिन समर्थकों का तर्क है कि कूटनीति सिर्फ गंभीर बैठकों से नहीं, बल्कि मानवीय और सांस्कृतिक जुड़ाव से भी मजबूत होती है। राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा-आर्थिक तूफ़ान सर पर है, और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफ़ी बाँट रहे हैं! किसान, युवा, महिलाएँ, मज़दूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं - पीएम हंसकर रील बना रहे हैं, और बीजेपी वाले ताली बजा रहे हैं। यह नेतृत्व नहीं, नौटंकी है। एक ओर जहां इस डिप्लोमेसी की पूरे विश्व में चर्चा हो रही है और लोग इसकी सराहना कर रहे हैं। वहीं देश के प्रमुख विपक्षी दल के नेता का इसे नौटंकी बताते हुए वीडियो पोस्ट करना हैरान करने वाली है। इससे विपक्ष की गैरजि मेदार भूमिका सामने आई।





