भारत

किसान कल्याण को समर्पित मोदी सरकार की योजनाएं: वित्त मंत्री

Tara Tandi
2 Oct 2026 7:23 PM IST
किसान कल्याण को समर्पित मोदी सरकार की योजनाएं: वित्त मंत्री
x
मदनपल्ले: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की ज़िंदगी बदलने और खेती से जुड़ी आजीविका को मज़बूत करने के मकसद से उनकी हर बड़ी ज़रूरत को पूरा करने वाली व्यापक योजनाएं शुरू की हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार के कामकाज में किसानों का कल्याण हमेशा केंद्र में रहा है। उन्होंने इसके लिए सीधे फ़ायदा पहुंचाने वाली 'पीएम-किसान सम्मान निधि' और संस्थागत लोन के लिए 'किसान क्रेडिट कार्ड' जैसी योजनाओं का ज़िक्र किया।
वित्त मंत्री अन्नामय्या ज़िले के मदनपल्ले में 'रायलसीमा ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब' और 'इंडियन स्कूल ऑफ़ एग्रीकल्चर' की आधारशिला रखने के कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश और अन्य लोग शामिल हुए।
सीतारमण ने कहा कि खेती के लिए ज़रूरी चीज़ों की बिना रुकावट उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता रही है।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद - जिनकी वजह से यूरिया की आयात लागत लगभग 3,000 रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गई थी - किसानों को यह 300 रुपये प्रति बोरी की दर से मिलता रहा, क्योंकि केंद्र सरकार ने प्रति बोरी लगभग 2,700 रुपये की सब्सिडी दी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ज़्यादा गर्मी और सूखे के दौर को झेलने में सक्षम वैज्ञानिक रूप से विकसित बीजों की किस्मों के ज़रिए जलवायु-अनुकूल खेती के तरीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 'गोबरधन' (GOBARdhan) पहल ग्रामीण कचरे को साफ़ बायोगैस में बदलती है, जबकि 'पीएम-कुसुम' (PM-KUSUM) योजना के तहत सोलर पंप किसानों को सिंचाई के लिए भरोसेमंद सौर-ऊर्जा से चलने वाली बिजली देते हैं।
सीतारमण ने आगे कहा कि 'पीएम फ़सल बीमा योजना' नुकसान और अप्रत्याशित जोखिमों के ख़िलाफ़ फ़सल बीमा सुरक्षा प्रदान करती है।
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर खेती और उससे जुड़े क्षेत्रों में मदद का दायरा बढ़ाया है। इसके लिए डेयरी और मछली पालन से जुड़ी आजीविका को मज़बूत करने के मकसद से मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां और पशु चिकित्सा सेवाएं शुरू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि 2024 में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) को मिले जनादेश के बाद, भारत और आंध्र प्रदेश की सरकारें रायलसीमा को "रत्नला सीमा" (रत्नों और समृद्धि की भूमि) में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हॉर्टिकल्चर (बागवानी) से जुड़ी प्रस्तावित पहल का ज़िक्र करते हुए, सीतारमण ने कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एक वर्ल्ड-क्लास 'ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब' बनाने के लिए 10 ज़िलों में 1 लाख करोड़ रुपये के एक बड़े प्रोजेक्ट की योजना बनाई थी। इन 10 ज़िलों में रायलसीमा के आठ ज़िले और उनसे सटे दो ज़िले शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि यह पहल पीएम मोदी के समर्थन और वर्ल्ड बैंक व एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) जैसे मल्टीलेटरल संस्थानों से मिली आर्थिक मदद से शुरू की जा रही है।
मंत्री के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का मकसद खेती में वर्ल्ड-क्लास टेक्नोलॉजी लाना और पानी के इस्तेमाल की क्षमता को बेहतर बनाना है।
सीतारमण ने कहा कि गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती के मौके पर दो अहम पहल शुरू की गई हैं: 10 ज़िलों में 'ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब' का विकास और मदनपल्ले में 'इंडियन स्कूल ऑफ़ एग्रीकल्चर' की स्थापना।
उन्होंने कहा कि ये पहल महात्मा गांधी के आदर्शों, लाल बहादुर शास्त्री के "जय जवान, जय किसान" के नारे और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विज़न को दर्शाती हैं।
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि पीएम मोदी ने हमेशा किसानों की गरिमा, कल्याण और टिकाऊ सशक्तिकरण को शासन के केंद्र में रखा है।
Next Story