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Bangla बंगाल: सरकार में मंत्री शशि पांजा ने राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के इस्तीफे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिलवाया, अब सी.वी. आनंद बोस को भी इस्तीफा दिलवाया गया। मंत्री ने सवाल उठाया कि इसका उद्देश्य क्या है और क्या केंद्र बंगाल में निर्वाचन प्रक्रिया को बाधित करना चाहता है।
शशि पांजा ने आरोप लगाया कि यदि ऐसा हुआ, तो बंगाल की जनता अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाएगी, और उन्होंने कहा कि यह कदम संविधान के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने केंद्र पर राष्ट्रपति शासन लगवाने और राज्य सरकार के साथ संवाद न करने का आरोप लगाया। पांजा ने कहा, "केंद्र और राज्य के बीच बातचीत क्यों नहीं होती? ममता बनर्जी से आपकी बात क्यों नहीं होती?" उन्होंने यह भी कहा कि संविधान को मानना जरूरी है, लेकिन भाजपा की सरकार संविधान का सम्मान नहीं कर रही है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस तरह की हरकतों की पश्चिम बंगाल सरकार निंदा करती है और केंद्र से जवाब मांग रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक खेल नहीं है, बल्कि राज्य और केंद्र के बीच संवैधानिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रश्न है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शशि पांजा के बयान से स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार इस मुद्दे को लोकतांत्रिक और संवैधानिक दृष्टिकोण से देख रही है और वह राज्य के चुनावी अधिकारों की रक्षा करने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। इस घटना ने पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। विपक्ष ने भी राज्यपाल के इस्तीफे को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और केंद्र से स्पष्टीकरण की मांग की है।
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