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खदान हादसे की जांच रिपोर्ट के बदले रिश्वत, CBI ने तीन को दबोचा
Hyderabad हैदराबाद: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वत के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें डीजीएमएस, हैदराबाद-III रीजन, साउथ सेंट्रल जोन, हैदराबाद के डिप्टी डायरेक्टर (माइनिंग), एक कंसल्टेंट/बिचौलिया और एक प्राइवेट माइनिंग कंपनी का प्रतिनिधि शामिल हैं। इसी को लेकर सीबीआई ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी कि सीबीआई ने रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में डीजीएमएस, हैदराबाद-III रीजन, साउथ सेंट्रल जोन, हैदराबाद के डिप्टी डायरेक्टर (माइनिंग), एक कंसल्टेंट/बिचौलिये, एक प्राइवेट माइनिंग कंपनी के प्रतिनिधियों और अन्य अज्ञात सरकारी कर्मचारियों व प्राइवेट व्यक्तियों के खिलाफ 17 अगस्त को मामला दर्ज किया था।
सीबीआई को जानकारी मिली थी कि 25 जून को आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले की एक माइनिंग खदान में एक जानलेवा हादसा हुआ था। संबंधित माइनिंग कंपनी के प्रतिनिधियों ने एक कंसल्टेंट/बिचौलिये के जरिए आरोपी डीडी (माइनिंग) से संपर्क किया, ताकि हादसे के संबंध में उनके पक्ष में जांच रिपोर्ट मिल सके और माइनिंग कंपनी के मालिकों को इसमें फंसाया न जाए। आरोप है कि बिचौलिये ने पहले ही अच्छी रिपोर्ट के लिए आरोपी डिप्टी डायरेक्टर (माइनिंग) को रिश्वत के तौर पर 1,00,000 रुपए दिए थे।
इसके बाद डिप्टी डायरेक्टर (माइनिंग) को देने के लिए 2 लाख रुपए का इंतजाम किया गया। यह रकम 17 अगस्त को ओंगोल में दी जानी थी, ताकि जानलेवा हादसे के मामले में उनके पक्ष में रिपोर्ट मिल सके और साथ ही प्राइवेट माइनिंग कंपनी व अन्य खदानों से जुड़ी कथित तिमाही रिश्वत का भुगतान भी हो सके।
इसी को लेकर सीबीआई ने 17 अगस्त को जाल बिछाया और आरोपी डिप्टी डायरेक्टर (माइनिंग) को प्राइवेट माइनिंग कंपनी के प्रतिनिधि की मौजूदगी में कंसल्टेंट/बिचौलिये से 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ लिया। ट्रैप की कार्रवाई के दौरान 2 लाख रुपए की रिश्वत की रकम बरामद की गई। इसी के साथ सीबीआई की ओर से ओंगोल, कडप्पा और हैदराबाद में आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी, डिप्टी डायरेक्टर (माइनिंग), प्राइवेट माइनिंग कंपनी के प्रतिनिधि और कंसल्टेंट/बिचौलिये को मंगलवार को विजयवाड़ा की सक्षम अदालत में पेश किया गया। वहीं, सीबीआई की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच और कार्रवाई जारी है।
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