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पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेकर कानूनी और तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू की
Delhi दिल्ली: करोड़पति दवा कारोबारी के बेटे आयुष मलिक के धर्मांतरण का मामला सुर्खियों में आया है। परिवार ने आरोप लगाया कि फिजियोथैरेपिस्ट और जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्रेम जाल, दबाव और ब्लैकमेलिंग के जरिए आयुष का धर्म परिवर्तन कराया। परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। पुलिस ने मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने युवकों पर दबाव डालकर और उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित कर धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कराई।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच में युवकों के बीच हुए बातचीत के रिकॉर्ड, सोशल मीडिया संदेश और अन्य सबूतों को प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस इस बात की पुष्टि कर रही है कि क्या धर्म परिवर्तन में किसी प्रकार का जबरदस्ती या धोखाधड़ी शामिल थी। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के मामलों में भारतीय दंड संहिता और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े कानून लागू होते हैं। धर्मांतरण के लिए यदि किसी व्यक्ति को धोखाधड़ी, दबाव या ब्लैकमेलिंग के माध्यम से प्रभावित किया गया हो, तो इसके तहत आरोपी को गंभीर सजा का सामना करना पड़ सकता है।
परिवार ने आरोप लगाया कि इस घटना से उनका सामाजिक और मानसिक नुकसान हुआ है और वे चाहते हैं कि न्याय मिल सके। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी कानूनी और तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में आगे की कार्रवाई और आरोपी के खिलाफ संभावित चार्ज शीघ्र ही तय किए जाएंगे। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने तक सभी पक्षों से बयान दर्ज किए जाएंगे और सभी सबूतों का विश्लेषण किया जाएगा।
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