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Military alert: ट्रंप के हाथ में बटन… ईरान के लिए रात निर्णायक

SHIDDHANT
13 Jan 2026 12:23 AM IST
Military alert: ट्रंप के हाथ में बटन… ईरान के लिए रात निर्णायक
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Delhi दिल्ली: ईरान में महंगाई, बेरोज़गारी और कट्टरपंथ के खिलाफ जारी Gen-Z आंदोलन अब अंतरराष्ट्रीय तनाव का कारण बन गया है। इस आंदोलन के दौरान 544 लोगों की मौत हुई है, जिसमें 496 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। इसके अलावा, 10,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान सरकार की कार्रवाई के बाद सैन्य प्रतिक्रिया की धमकी दी है। ट्रंप का कहना है कि ईरान ने अपनी सारी हदें पार कर दी हैं और प्रदर्शनकारियों की मौत के लिए जिम्मेदार है। वहीं, ईरान सरकार अमेरिकी और
इजरायली
साजिश को इस आंदोलन का मुख्य कारण मान रही है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी करार दिया और आरोप लगाया कि उनके पास वीडियो सबूत हैं, जिनमें हथियारबंद प्रदर्शनकारियों को ईरान में अराजकता फैलाने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी कहा कि अमेरिका और इजरायल ईरान में अराजकता फैलाने के लिए सक्रिय हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि वे बातचीत की टेबल पर आएं, वरना सरकार दंगाइयों को बर्दाश्त नहीं करेगी। इस बीच, ईरानी संसद में अमेरिका के विरोध में “Death to America” के नारे लगाए गए, जो बढ़ते तनाव का संकेत हैं। इतिहास गवाह है कि ईरान ने पहले भी कट्टरपंथी नियमों या सरकार विरोधी आवाज़ों को बंदूकों के दम पर दबाया है। साल 2022 में हिजाब विवाद के दौरान महसा अमीनी की मौत के बाद हुए प्रदर्शन में करीब 500 लोगों की मौत हुई थी। वर्तमान Gen-Z आंदोलन इसी श्रृंखला का हिस्सा है, जो महंगाई और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर केंद्रित है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान पर संभावित हमलों से जुड़े रणनीतिक विकल्प प्रस्तुत किए हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ट्वीट कर कहा कि अमेरिका ईरान के लोगों की मदद के लिए तैयार है और यह आंदोलन ईरान में आज़ादी की दिशा में पहला कदम है। यूएस सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी संकेत दिया है कि अमेरिका सक्रिय कदम उठा सकता है और ईरान के लोग जल्द ही आज़ादी की ओर देख सकेंगे। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजर ईरान पर है, क्योंकि किसी भी छोटी चिंगारी से अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध छिड़ सकता है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर पड़ेगा।
इस बीच, मानवाधिकार संगठन प्रदर्शनकारियों की मौत और हिरासत पर चिंता जता रहे हैं। ईरान के सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा लगातार जारी है। अमेरिका और ईरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर गंभीर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। यह Gen-Z आंदोलन अब केवल स्थानीय विरोध प्रदर्शन नहीं रह गया है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय तनाव का मुख्य कारण बन गया है। अमेरिका और ईरान दोनों ही देश सतर्क हैं और किसी भी समय संघर्ष और सैन्य कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
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