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राष्ट्रपति से राहुल गांधी समेत 10 विपक्षी नेताओं की मुलाकात खत्म

SHIDDHANT
9 Oct 2026 9:11 PM IST
राष्ट्रपति से राहुल गांधी समेत 10 विपक्षी नेताओं की मुलाकात खत्म
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दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के 10 नेताओं की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात शुक्रवार को समाप्त हो गई। राष्ट्रपति भवन में हुई इस मुलाकात के दौरान विपक्षी प्रतिनिधिमंडल ने भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी राष्ट्रपति के समक्ष रखी।
मिली जानकारी के अनुसार, INDIA गठबंधन के नेताओं को शुक्रवार रात 8 बजे राष्ट्रपति से मुलाकात का समय दिया गया था। इसके बाद विपक्षी प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन पहुंचा और अपनी मांगों को लेकर चर्चा की। मुलाकात समाप्त होने के बाद विपक्षी नेता राष्ट्रपति भवन से बाहर निकल आए। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वोट चोरी के आरोपों का खंडन नहीं किया, बल्कि विपक्षी नेताओं से इस संबंध में सबूत मांगे। हालांकि, राष्ट्रपति भवन की ओर से राहुल गांधी के इस बयान की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हुई हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इन्हीं मुद्दों को लेकर विपक्षी नेता लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले शुक्रवार को INDIA गठबंधन के सांसद संसद के सेंट्रल हॉल में एकत्र हुए थे। यहां राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं को संबोधित किया और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 14 अगस्त 1947 के ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख किया। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्रता के महत्व पर जोर दिया।
विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाला बैनर भी प्रदर्शित किया था। बैनर पर 'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो' का नारा लिखा था। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। वहीं, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया का बचाव किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अद्यतन करने और अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार की जाती है। विपक्ष हालांकि आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्तियों पर कायम है।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी के बयान ने इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा को आगे बढ़ाया है। हालांकि, राष्ट्रपति द्वारा आरोपों का खंडन नहीं किए जाने को आरोपों की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जा सकता। इसके लिए संबंधित साक्ष्यों और आधिकारिक जांच का महत्व बना हुआ है। फिलहाल राहुल गांधी समेत 10 विपक्षी नेताओं की राष्ट्रपति से मुलाकात पूरी हो चुकी है। विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे से जुड़ी अपनी मांगें राष्ट्रपति के समक्ष रख दी हैं। अब इस मुलाकात के बाद विपक्ष की अगली रणनीति और राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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