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कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व के लिए वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने पर सर्वाधिक जोर

Shantanu Roy
21 March 2024 5:54 PM IST
कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व के लिए वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने पर सर्वाधिक जोर
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राजसमंद। राजसमंद कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व के लिए वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। इसके लिए जूली फ्लोरा को हटाकर ग्रासलैंड तैयार किया जा रहा है। अब तक करीब 800 हेक्टेयर से जूली फ्लोरा को हटाया जा चुका है। अब एनक्लोजर बनाकर चीतल, ब्लैकबग और चौसिंगा आदि लाए जाने आवश्यकता बताई जा रही है।कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व में 2025 में टाइगर लाने का प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए पिछले कई सालों से कवायद की जा रही है। इसके तहत पिछले दो-तीन साल से वन्यजीवों के लिए ग्रासलैंड तैयार किया जा रहा है। ग्रासलैंड जितना होगा उतने अधिक ही वन्यजीवों की संख्या बढ़ेगी। इसके कारण वन विभाग की ओर से जूली फ्लोरा को हटाया जा रहा है। जूली फ्लोरा को लगातार तीन वर्ष तक जड़ से हटाने पर ही यह साफ होता है। ऐसे में यह कार्य चुनौतीपूर्ण है। उल्लेखनीय है कि कुंभलगढ़ और रावली टॉटगढ़ के काफी भू-भाग पर जूली फ्लोरा फैला हुआ है। इस पेड़ से सिर्फ जलाने की लकड़ी मिलती है। यह अपने आस-पास अन्य वनस्पतियों को पनपने नहीं देता है। वन विभाग की ओर से जालौर के सादड़ी में एनक्लोजर बनाकर करीब 40 चीतल आदि को लाकर बड़ा किया और उन्हें वनक्षेत्र में लाकर छोड़ा जा चुका है। इसी प्रकार अब कुंभलगढ़, झीलवाड़ा और देसूरी आदि में भी इसी प्रकार के एनक्लोजर बनाकर चीतल, ब्लैकबग और चौसिंगा आदि के बच्चे लाकर उन्हें बड़ा कर वनक्षेत्र में छोडऩा होगा। इससे आगामी वर्षो में वन्यजीवों की संख्या में इजाफा होगा। वन्यजीवों की संख्या बढऩा टाइगर के लिए फायदेमंद होगा।
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