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Hyderabad हैदराबाद। प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन को एक और बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को संगठन के केंद्रीय समिति सदस्य पसुनूरी नरहरि और उनकी पत्नी मेदारा दनम्मा ने तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने आत्मसमर्पण करने वाले दोनों वरिष्ठ माओवादी नेताओं को मीडिया के सामने पेश किया। नरहरि उर्फ विश्वनाथ बिहार-झारखंड विशेष क्षेत्र समिति (बीजेएसएसी) के सचिव रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी दनम्मा राज्य समिति सदस्य के रूप में सक्रिय थीं। डीजीपी के अनुसार, इस आत्मसमर्पण के बाद माओवादी संगठन का पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो लगभग समाप्ति की ओर है। अधिकारियों ने इसे संगठन के लिए एक रणनीतिक और बड़ा नुकसान बताया है।
64 वर्षीय पसुनूरी नरहरि तेलंगाना के हनुमाकोंडा जिले के निवासी हैं। उन्होंने अपने छात्र जीवन में रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन से जुड़कर राजनीतिक गतिविधियों की शुरुआत की थी। बाद में वे 1982 में पीपुल्स वॉर संगठन से जुड़े और धीरे-धीरे संगठन में उच्च पदों तक पहुंचे।
पुलिस के मुताबिक, नरहरि लंबे समय तक बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ क्षेत्रों में सक्रिय रहे और तकनीकी विभाग की जिम्मेदारियों को संभालते हुए हथियार निर्माण और प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहे। उन्होंने माओवादी संगठन में हथियारों के निर्माण, मरम्मत और प्रशिक्षण कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्षों तक विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाने के बाद अंततः उन्होंने आत्मसमर्पण का फैसला लिया। अधिकारियों का कहना है कि यह आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका है और इससे उनकी गतिविधियों पर असर पड़ेगा।
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