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हैदराबाद। मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) के लिए गर्व की खबर सामने आई है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ साइंसेज में भौतिकी विभाग के प्रोफेसर मुहम्मद रफीक अबुतराब ने लगातार सात वर्षों तक दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में जगह बनाई है। वर्ष 2020 से 2026 तक लगातार इस सूची में शामिल होना उनकी शोध उपलब्धियों और विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।
ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स और फोटोनिक्स में विशेष योगदान
प्रोफेसर मुहम्मद रफीक अबुतराब को ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स, फोटोनिक्स और ऑप्टिक्स जैसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक क्षेत्रों में किए गए शोध कार्यों के लिए यह स्थान मिला है। ये क्षेत्र प्रकाश की विशेषताओं, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और आधुनिक ऑप्टिकल तकनीकों के अध्ययन से जुड़े हैं। इनका उपयोग संचार प्रणालियों, सेंसर, चिकित्सा उपकरणों और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों में किया जाता है।
लगातार सात वर्षों से बरकरार उपलब्धि
वर्ष 2020 से 2026 तक विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची में लगातार स्थान हासिल करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में प्रोफेसर अबुतराब के निरंतर योगदान को रेखांकित करता है। उनकी उपलब्धि ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और अनुसंधान संबंधी पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती दी है।
विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय
मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में कार्यरत एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है। यहां विज्ञान सहित विभिन्न विषयों में अध्ययन और शोध किया जाता है। प्रोफेसर अबुतराब की इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय के शोध कार्यों को नई पहचान मिली है। साथ ही विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं के लिए उनका निरंतर शोध योगदान प्रेरणा का स्रोत है। विश्व स्तर पर वैज्ञानिकों की सूची में लगातार सात बार स्थान प्राप्त करना भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों के अनुसंधान कार्यों की बढ़ती पहचान को भी दर्शाता है।
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