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आवारा कुत्तों के संबंध में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मेनका गांधी ने उठाए सवाल

SHIDDHANT
8 Nov 2025 12:16 AM IST
आवारा कुत्तों के संबंध में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मेनका गांधी ने उठाए सवाल
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फैसले पर पुनर्विचार
Delhi दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद और प्रसिद्ध एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट मेनका गांधी ने आवारा कुत्तों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह फैसला पहले दिए गए जस्टिस पारदीवाला के आदेश से भी ज्यादा हास्यास्पद और अव्यवहारिक है। मेनका गांधी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि जब जस्टिस पारदीवाला ने आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया था, तो उस वक्त देशभर में इसकी आलोचना हुई थी। अब सुप्रीम कोर्ट की ओर से आया नया फैसला उससे भी आगे निकल गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि “हमारा उद्देश्य आखिर क्या है — क्या सिर्फ कुत्तों को हटाना या काटने की घटनाओं को रोकना

उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अध्ययन स्पष्ट रूप से बताते हैं कि जब किसी कुत्ते को एक स्थान से उठाकर दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है, तो उनके आक्रामक होने की संभावना बढ़ जाती है। “ऐसे मामलों में लगभग 90 प्रतिशत बार वही कुत्ते काटते हैं जिन्हें एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया होता है,” मेनका गांधी ने कहा। बीजेपी नेता ने सवाल उठाया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में अस्पतालों, कॉलेजों और बस स्टॉप से कुत्तों को हटाने की बात कही है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि इन कुत्तों को आखिर रखा कहां जाएगा। उन्होंने कहा, “आज हमारे पास पशु आश्रय केंद्रों की भारी कमी है। यदि कुत्तों को इन स्थानों से हटाया जाएगा तो वे फिर से सड़कों पर ही लौटेंगे, जहां लोग उन्हें मारेंगे या भगाएंगे।

मेनका गांधी ने कहा कि आरा और अररिया जैसे शहरों में तो पशु आश्रय केंद्र तक नहीं हैं, ऐसे में वहां से हटाए गए कुत्तों को सड़कों पर ही रहना पड़ेगा। इससे न केवल मानवीय संवेदनाओं का हनन होगा बल्कि काटने की घटनाएं और बढ़ेंगी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की और कहा कि इस विषय में वैज्ञानिक, सामाजिक और मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखकर नीति बनानी चाहिए, ताकि कुत्तों और इंसानों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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