
बंगाल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अब ISF यानी इंडियन सेक्युलर फ्रंट के विधायक नौशाद सिद्दीकी का दावा है कि TMC के कई विधायक टूट सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट आंकड़ा नहीं दिया है। उन्होंने कहा है कि कई टीएमसी विधायक और सांसद ISF के संपर्क में हैं। हालांकि, टीएमसी ने अब तक इसपर प्रतिक्रिया नहीं दी है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सिद्दीकी ने कहा, 'तृणमूल कांग्रेस के कई सांसदों और विधायकों ने आईएसएफ में शामिल होने की इच्छा जताई है। कई पंचायत समिति अध्यक्षों और सदस्यों ने भी हमारी पार्टी में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की है। पार्टी तय करेगी कि उन्हें शामिल करना है या नहीं। यह निर्णय में अकेले नहीं लूंगा।' विधानसभा चुनाव में 290 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ा था। 4 मई को जब नतीजे घोषित हुए, तो पार्टी सिर्फ 88 पर ही जीत हासिल कर सकी थी। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस और हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली AJUP यानी आम जनता उन्नयन पार्टी ने 2-2 सीटें जीती थीं। इनके अलावा सीपीएम ने 1 और AISF को भी 1 सीट मिली थी।
सिद्दीकी ने पूर्व मुख्यमंत्री बनर्जी के काला कोट पहनकर कोर्ट जाने पर भी तंज कसा है। उन्होंने कहा, 'अदालत जाना तो बस एक दिखावा है। उनके पास 80 विधायक और 30 सांसद हैं। उन्हें कम से कम उस जगह पर तो जाना चाहिए था। कल हमने देखा कि तौसिया इलाके में बुलडोजर चलाया गया। उन्हें वहां जाना चाहिए था, लेकिन वे अदालत पहुंच गए क्योंकि यह उनके लिए एक सुरक्षित जगह है और यहां उन्हें पब्लिसिटी भी मिल जाएगी।' उन्होंने कहा, 'अगर आज भी बंगाल में किसी को ऐसा लगता है कि ममता बनर्जी उनके कल्याण के लिए काम करेगी, तो उसे ऐसा सोचना बंद कर देना चाहिए।'





