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अभिजीत दिपके की हिरासत पर भड़कीं ममता बनर्जी...

SHIDDHANT
16 Oct 2026 10:07 PM IST
अभिजीत दिपके की हिरासत पर भड़कीं ममता बनर्जी...
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हिरासत को लेकर राजनीतिक बहस तेज
कोलकाता। कॉकक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस द्वारा एहतियातन हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार पर असहमति की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस पर उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पूछा कि आखिर दिल्ली पुलिस क्या कर रही है? उन्होंने दावा किया कि अभिजीत दिपके को राष्ट्रीय ध्वज लेकर शांतिपूर्ण विरोध करने के कारण हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में युवाओं को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने से रोकना चिंताजनक है।
‘यह अघोषित आपातकाल जैसा है’
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए मौजूदा स्थिति की तुलना अघोषित आपातकाल से की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कठिन सवाल पूछने वाली युवा पीढ़ी को डराकर चुप कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सरकार के रवैये को फासीवादी बताते हुए असहमति के अधिकार का समर्थन किया।
ये आरोप ममता बनर्जी के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
अभिजीत समेत तीन युवा नेताओं का किया समर्थन
ममता बनर्जी ने अभिजीत दिपके, आशुतोष और सौरभ का समर्थन करते हुए कहा कि ये युवा देश की नई पीढ़ी की आकांक्षाओं और साहस का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी पूरी पीढ़ी की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। ममता ने तीनों नेताओं के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
कनॉट प्लेस में होना था तिरंगा मार्च
सीजेपी ने शुक्रवार शाम पांच बजे दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन का आह्वान किया था।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को नोटिस जारी कर बिना अनुमति प्रदर्शन आयोजित नहीं करने की चेतावनी दी थी। बाद में उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने बताई कार्रवाई की वजह
दिल्ली पुलिस के अनुसार, कनॉट प्लेस में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू थे।
पुलिस ने कहा कि बिना अनुमति बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से यातायात, सार्वजनिक सुरक्षा और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती थीं।
प्रशासन ने भगदड़ की आशंका और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत का भी हवाला दिया।
हिरासत को लेकर राजनीतिक बहस तेज
अभिजीत दिपके की हिरासत के बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए लागू प्रतिबंधों को लेकर बहस तेज हो गई है।
एक तरफ ममता बनर्जी ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की है, वहीं दिल्ली पुलिस ने इसे कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा कदम बताया है।
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