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Washington/Tehran वॉशिंगटन/तेहरान: पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इन हमलों में ईरान की मिसाइल लॉन्चिंग साइटों, एयर डिफेंस सिस्टम और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की तेज रफ्तार नौकाओं को निशाना बनाया गया।
बताया जा रहा है कि अमेरिकी कार्रवाई होर्मुज के आसपास कई स्थानों पर की गई, जहां से ईरान की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इस बीच, ईरान के दक्षिणी शहर बंदर अब्बास और निकटवर्ती केशम द्वीप क्षेत्र में कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इन विस्फोटों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
दूसरी ओर, कुवैत ने दावा किया है कि उसके तीन सीमा सुरक्षा केंद्रों और समुद्र में स्थित एक तेल ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर हमला हुआ, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन हमलों के पीछे किसकी भूमिका थी, लेकिन घटनाक्रम ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ते सैन्य टकराव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक सुरक्षा पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका प्रभाव केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की अपील कर रहा है।
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