भारत

पशुपति पारस की पार्टी में बड़ी टूट, राष्ट्रीय प्रवक्ता समेत कई नेता BJP में शामिल

Shantanu Roy
24 Jun 2026 4:21 PM IST
पशुपति पारस की पार्टी में बड़ी टूट, राष्ट्रीय प्रवक्ता समेत कई नेता BJP में शामिल
x
बड़ी खबर
Siwan. सीवान। बिहार की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (आरएलजेपी) को बड़ा झटका लगा। पार्टी सुप्रीमो और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके साथ पार्टी की छात्र इकाई के प्रदेश अध्यक्ष राहुल यादव ने भी भाजपा का दामन थाम लिया। इस राजनीतिक बदलाव को बिहार में आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीवान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल तथा सीवान के विधायक एवं मंत्री मंगल पांडेय ने सभी नेताओं को भाजपा की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मौजूद रहे। राजनीतिक घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बनाते हुए सीवान जिला परिषद अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की नेता लीलावती गिरी ने भी अपने समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उनके भाजपा में शामिल होने को जिले की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
भाजपा में शामिल होने के बाद राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने देशहित और विकास की राजनीति को ध्यान में रखते हुए भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि देश आज मजबूत नेतृत्व के हाथों में है और इसी सोच के साथ उन्होंने भाजपा के साथ जुड़ने का फैसला लिया। हालांकि, जब उनसे राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी छोड़ने के कारणों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने केवल इतना कहा कि पशुपति कुमार पारस उनके अभिभावक हैं और उनके प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान रहेगा।
श्रवण अग्रवाल ने कहा, "पशुपति कुमार पारस हमारे अभिभावक हैं। हम उनका हमेशा आदर और सम्मान करते रहेंगे। भाजपा में शामिल होकर हम सभी मिलकर संगठन को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेंगे।" राजनीतिक जानकारों का मानना है कि श्रवण अग्रवाल जैसे प्रमुख चेहरे का पार्टी छोड़ना राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के लिए बड़ा झटका हो सकता है। बिहार में पहले ही लोक जनशक्ति परिवार के भीतर राजनीतिक विभाजन देखने को मिला था और अब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का दूसरे दलों में जाना संगठन के लिए नई चुनौती बन सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने भाजपा में शामिल हुए सभी नेताओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और उसकी नीतियों एवं नेतृत्व पर लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। दिलीप जायसवाल ने कहा, "आज बड़ी संख्या में लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। यह इस बात का प्रमाण है कि देश और बिहार के लोग भाजपा की विचारधारा और नेतृत्व पर भरोसा कर रहे हैं। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के वरिष्ठ नेता और अन्य जनप्रतिनिधियों का भाजपा परिवार में स्वागत है।"
वहीं मंत्री मंगल पांडेय ने भी भाजपा में शामिल हुए नेताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके आने से संगठन को मजबूती मिलेगी और पार्टी का जनाधार और व्यापक होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में लगातार बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच नेताओं का एक दल से दूसरे दल में जाना आगामी चुनावों की रणनीति का हिस्सा भी माना जा सकता है। भाजपा जहां अपने संगठनात्मक विस्तार में जुटी है, वहीं अन्य दलों के नेताओं का पार्टी में शामिल होना उसके लिए राजनीतिक रूप से लाभदायक माना जा रहा है। फिलहाल इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी इस झटके से कैसे उबरती है और भाजपा को इसका कितना राजनीतिक लाभ मिलता है।
Next Story