भारत

BPSC AEDO पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

SHIDDHANT
20 Aug 2026 11:28 AM IST
BPSC AEDO पेपर लीक केस में बड़ा खुलासा, मास्टरमाइंड गिरफ्तार
x
AEDO केस में बड़ी सफलता
Patna पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा में कथित धांधली मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप में बायोमेट्रिक ऑपरेटर अतुल राज पांडेय को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी पटना से हुई है। जांच में उसके मोबाइल से परीक्षा से जुड़े अहम डिजिटल सबूत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। ईओयू की जांच में सामने आया है कि अतुल राज पांडेय कथित रूप से परीक्षा में सक्रिय सॉल्वर गैंग के संपर्क में था। जांच एजेंसी अब इस मामले में जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान सॉल्वर गैंग के कई और सदस्यों के नाम सामने आ सकते हैं।
जांच के अनुसार, अतुल राज पांडेय पटना के कंकड़बाग स्थित रघुनाथ उच्च बालिका विद्यालय परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक ऑपरेटर के रूप में तैनात था। परीक्षा के दौरान उसकी भूमिका और गतिविधियों को लेकर ईओयू ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान अतुल की सहकर्मी दीपिका कुमारी के मोबाइल फोन से परीक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले। इसके अलावा परीक्षा केंद्र से अतुल का मोबाइल भी जब्त किया गया था, जिसमें जांच के लिए अहम जानकारी मिलने की बात सामने आई है।
इस मामले में पहले पटना के एएन कॉलेज परीक्षा भवन में एक परीक्षार्थी रोशन कुमार को बायोमेट्रिक कर्मी अंशुप्रिया द्वारा उत्तर पुर्जा उपलब्ध कराते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और कई लोगों की भूमिका सामने आने लगी। ईओयू की जांच में पता चला है कि अतुल राज पांडेय ने अप्रैल 2026 में आयोजित सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी और सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) परीक्षा में कई परीक्षा केंद्रों को प्रभावित करने की साजिश रची थी।
आरोप है कि उसने परीक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर धांधली की योजना बनाई थी। इस मामले के सामने आने के बाद बिहार लोक सेवा आयोग ने दोनों परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। ईओयू की पूछताछ में अतुल राज पांडेय ने परीक्षा धांधली से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण लोगों के नाम बताए हैं। जांच एजेंसी अब इन नामों का सत्यापन कर रही है। इसके अलावा सॉल्वर गैंग के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि अतुल राज पांडेय पहले भी कई परीक्षाओं में जैमर और बायोमेट्रिक सिस्टम से जुड़ी कंपनियों के साथ काम कर चुका है। वह इन कंपनियों को मानव बल उपलब्ध कराने का काम भी करता था। गिरफ्तारी के बाद ईओयू ने आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत पटना की बेऊर जेल भेज दिया है। मामले में 23 अप्रैल 2026 को श्रीकृष्णापुरी थाने में लोक स्वच्छता पदाधिकारी परीक्षा में कदाचार से जुड़ा मामला दर्ज किया गया था। फिलहाल ईओयू इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा धांधली में और कितने लोग शामिल हैं और सॉल्वर गैंग का नेटवर्क कितने स्तर तक फैला हुआ है।
Next Story