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कारोबारियों को बड़ी छूट: FY26 वार्षिक फाइलिंग की तारीख आगे बढ़ी
Tara Tandi
25 Oct 2026 10:53 AM IST

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नई दिल्ली: सरकार ने कंपनियों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के वित्तीय विवरण और वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है।
कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) ने एक सर्कुलर में कहा है कि कंपनियां 31 दिसंबर, 2026 तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के फॉर्म AOC-4 के विभिन्न वर्ज़न के ज़रिए अपने वित्तीय विवरण दाखिल कर सकती हैं। इसमें समेकित वित्तीय विवरण , XBRL (मशीन-रीडेबल डिजिटल रिपोर्टिंग) फॉर्मेट में वित्तीय विवरण, और नॉन-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के लिए लागू फॉर्म शामिल हैं।
सर्कुलर के अनुसार, फॉर्म MGT-7 और MGT-7A के ज़रिए वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा को 31 जनवरी, 2027 तक बढ़ा दिया गया है।
मंत्रालय ने यह फैसला स्टेकहोल्डर्स (हितधारकों) के अनुरोध के बाद लिया है, जिन्होंने वैधानिक फाइलिंग पूरी करने के लिए और समय मांगा था।
इससे पहले, पिछले साल MCA ने 17 अक्टूबर, 2025 और 30 दिसंबर, 2025 को जारी सर्कुलर के ज़रिए वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक फाइलिंग के लिए दो बार समय-सीमा बढ़ाई थी।
कंपनियां रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ (RoC) के पास अपने वित्तीय विवरण दाखिल करने के लिए AOC-4 फॉर्म का उपयोग करती हैं।
MGT-7 का उपयोग कंपनी का वार्षिक रिटर्न दाखिल करने के लिए किया जाता है, जबकि MGT-7A का उपयोग 'वन-पर्सन कंपनी' (एक व्यक्ति वाली कंपनी) और छोटी कंपनियों के वार्षिक रिटर्न के लिए किया जाता है।
यह समय-सीमा विस्तार ऐसे समय में आया है जब कंपनी सचिवों और अन्य पेशेवरों ने MCA-21 वर्ज़न 3 पोर्टल पर आ रही तकनीकी दिक्कतों को लेकर चिंता जताई थी।
MCA-21 वर्ज़न 3 (V3) पोर्टल, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय का एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जिसके ज़रिए कंपनियां अपनी वैधानिक फाइलिंग जमा करती हैं और कॉर्पोरेट रजिस्ट्री तथा अनुपालन (compliance) सेवाओं का उपयोग करती हैं।
'इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज़ ऑफ इंडिया' (ICSI) ने बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 31 दिसंबर, 2026 तक समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। संस्थान ने MCA पोर्टल पर बार-बार आने वाले डाउनटाइम और धीमी गति (slow response time) की समस्या की ओर ध्यान दिलाया था।
इन समस्याओं में फॉर्म तैयार करते या दाखिल करते समय सेशन का टाइम-आउट होना और अपने आप लॉग-आउट हो जाना, लॉग-इन करने में कठिनाई, प्रोफ़ाइल अपडेट और यूज़र एक्सेस मैनेजमेंट में दिक्कतें, पहले से भरे गए डेटा (pre-filled data) में गलतियां, और डेटा निकालने (retrieval) में विसंगतियां शामिल थीं।
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