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पुलिस की बड़ी सफलता: 88 करोड़ की ठगी का मास्टरमाइंड UAE से भारत लाया गया

jantaserishta.com
25 July 2026 12:55 PM IST
पुलिस की बड़ी सफलता: 88 करोड़ की ठगी का मास्टरमाइंड UAE से भारत लाया गया
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जानें पूरा मामला.
पुणे: अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी करने वाले एपीएस वेल्थ वेंचर्स एलएलपी के मुख्य आरोपी अविनाश अर्जुन राठौड़ को पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया के बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत प्रत्यर्पित कर गिरफ्तार कर लिया है।
करीब 88 करोड़ रुपये की निवेश ठगी के इस हाई-प्रोफाइल मामले में आरोपी लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। भारत लाए जाने के बाद उसे मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर पुणे लाया गया, जहां अदालत ने उसे 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में चतुःश्रृंगी पुलिस स्टेशन में वर्ष 2023 में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत 20 अप्रैल 2023 को दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद जांच आर्थिक अपराध शाखा, पुणे शहर को सौंपी गई।
जांच में सामने आया कि बाणेर स्थित एपीएस वेल्थ वेंचर्स एलएलपी के संचालक अविनाश अर्जुन राठौड़ और उनकी पत्नी विशाखा अविनाश राठौड़ ने निवेशकों को कम समय में अधिक और आकर्षक रिटर्न देने का वादा किया। लोगों से विधिवत निवेश समझौते किए गए, लेकिन बाद में उन समझौतों का पालन नहीं किया गया और निवेशकों की रकम वापस नहीं की गई।
शिकायतकर्ता ने कंपनी में 86 लाख 37 हजार 500 रुपये का निवेश किया था, जिसे वापस नहीं किया गया। जांच आगे बढ़ने पर यह स्पष्ट हुआ कि केवल एक निवेशक ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों से इसी तरह निवेश कराया गया और कुल मिलाकर करीब 88 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
मामला दर्ज होने के बाद अविनाश और उसकी पत्नी विशाखा फरार हो गए। पुलिस को आशंका थी कि दोनों देश छोड़कर विदेश भाग सकते हैं। इसी को देखते हुए 24 अप्रैल 2024 को दोनों आरोपियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया, ताकि वे भारत से बाहर न जा सकें या विदेश से लौटते ही गिरफ्तार किए जा सकें।
इसके बाद पुणे के विशेष एमपीआईडी न्यायालय, शिवाजीनगर ने दोनों आरोपियों के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया। साथ ही भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में दोषारोप पत्र भी दाखिल किया और उनके पासपोर्ट निलंबित कर दिए गए।
देशभर में तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद ली। 4 जून 2026 को दोनों आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया। इसके आधार पर यूएई की संबंधित एजेंसियों ने अविनाश अर्जुन राठौड़ को हिरासत में लिया।
23 जुलाई 2026 को आरोपी को भारत प्रत्यर्पित किया गया। मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपी को पुणे लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने विस्तृत पूछताछ के लिए 10 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की।
आर्थिक अपराध शाखा अब यह पता लगाने में जुटी है कि निवेशकों से जुटाए गए 88 करोड़ रुपये कहां और किस तरह खर्च किए गए। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे, कितनी संपत्तियां खरीदी गईं, रकम विदेश भेजी गई या नहीं तथा अन्य सहयोगियों की भूमिका क्या रही।
जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी से पूछताछ में कथित ठगी के पूरे नेटवर्क और निवेशकों के पैसे के प्रवाह से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। पुणे पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकरण में जो अन्य आरोपी अभी भी विदेशों में छिपे हुए हैं, उन्हें भी कानूनी प्रक्रिया के तहत भारत लाने की कार्रवाई युद्धस्तर पर जारी है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
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