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राशन वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव, 5413 डिपुओं में लगेंगी हाईटेक पॉस मशीनें
Shantanu Roy
19 April 2026 3:49 PM IST

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Shimla. शिमला। प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के 5413 राशन डिपुओं में जल्द ही नई और अत्याधुनिक हाईटेक पॉस मशीनें लगाई जाएंगी। इन मशीनों के जरिए राशन वितरण की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित बनाने की योजना है। अभी तक उपयोग में लाई जा रही पुरानी मशीनों में कई तरह की तकनीकी समस्याएं सामने आ रही थीं, जिनमें नेटवर्क की दिक्कत, सिस्टम फेल होना और सही तरीके से प्रमाणीकरण न हो पाना शामिल है। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए नई मशीनों की व्यवस्था की जा रही है।
नई पॉस मशीनों में बायोमीट्रिक के साथ फेस ऑथेंटिकेशन और ओटीपी आधारित पहचान प्रणाली भी जोड़ी जाएगी। इससे राशन वितरण के समय उपभोक्ता की पहचान अधिक सटीक तरीके से हो सकेगी। फर्जी राशन कार्ड के उपयोग और किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर राशन उठाने जैसी शिकायतों पर रोक लगने की संभावना जताई जा रही है। इन मशीनों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा, जिसमें चेहरे की पहचान और आंखों की पुतली स्कैन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
इसके अलावा राशन डिपुओं में नई पॉस मशीनों के साथ वेइंग मशीन भी जोड़ी जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले राशन का वजन सीधे सिस्टम में दर्ज होगा और पूरा डेटा डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा। इस व्यवस्था से हर लेन-देन का रिकॉर्ड मशीन में दर्ज होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। उपभोक्ताओं को वजन के आधार पर डिजिटल बिल भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वितरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो जाएगी।
सरकार ने यह भी तय किया है कि दिसंबर 2025 से बैकलॉग राशन व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। अब राशन कार्ड धारकों को हर महीने का राशन उसी महीने में लेना अनिवार्य होगा। इस बदलाव का उद्देश्य राशन के भंडारण और वितरण में होने वाली गड़बड़ियों को रोकना और प्रणाली को अधिक नियंत्रित बनाना है। राशन डिपुओं में पुरानी मशीनों को हटाकर नई पॉस मशीनें लगाने की प्रक्रिया के लिए टेंडर प्रक्रिया को अंतिम चरण में पहुंचा दिया गया है। इसके बाद पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से नई मशीनों की स्थापना की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के बाद राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और गति दोनों में सुधार होगा।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम ने कहा कि इस तकनीकी बदलाव का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण में होने वाली अनियमितताओं को रोकना और लाभार्थियों तक सही तरीके से सुविधा पहुंचाना है। नई प्रणाली से राशन चोरी और गलत वितरण पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर इस नई व्यवस्था से प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शी और डिजिटल सेवा उपलब्ध होगी।
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