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बरेली में बड़ी कार्रवाई, RMO मुनीन्द्र नाथ पटेल रिश्वत लेते गिरफ्तार
Shantanu Roy
22 April 2026 5:43 PM IST

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Bareilly. बरेली। बरेली में भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शाहजहांपुर जिले में तैनात क्षेत्रीय विपणन अधिकारी (RMO) मुनीन्द्र नाथ पटेल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की गई, जिसका उद्देश्य सरकारी विभागों में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर सख्त रोक लगाना है। इस घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया है।
मामला शाहजहांपुर जिले की नवीन मंडी तिलहर का है, जहां गेहूं खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों से अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ रही थीं। ग्राम बाहपुर, थाना मदनापुर निवासी सौरभ सिंह ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी कि संबंधित अधिकारी किसानों से प्रति क्विंटल 100 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया कि इस अवैध वसूली के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था और सरकारी खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे थे।
शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन, बरेली ने मामले की जांच शुरू की। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर टीम ने जाल बिछाने की योजना तैयार की। प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सान्याल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। योजना के तहत बुधवार दोपहर करीब 12:58 बजे आरोपी अधिकारी को 9,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। पूरी कार्रवाई अत्यंत गोपनीय तरीके से की गई ताकि आरोपी को किसी प्रकार की जानकारी न मिल सके।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को तत्काल हिरासत में ले लिया गया। उसके खिलाफ थाना कटरा, जनपद शाहजहांपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध वसूली में कोई अन्य कर्मचारी या व्यक्ति शामिल था या नहीं। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में यह संदेश गया है कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर बेहद गंभीर है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग या हेल्पलाइन पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसी कार्रवाइयों का उद्देश्य केवल दोषियों को पकड़ना नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम में सुधार लाना भी है। किसानों से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार को विशेष रूप से गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि इसका सीधा असर आम जनता और कृषि व्यवस्था पर पड़ता है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर सरकारी खरीद प्रक्रियाओं की निगरानी और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि निगरानी एजेंसियां सक्रिय हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
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